नयी दिल्ली, 28 जून केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली के उपराज्यपाल के कार्यालय के खिलाफ एक आरटीआई आवेदक द्वारा दाखिल 141 अर्जियों को एक बार में खारिज कर दिया और इसे असंबंधित सूचना वाली याचिकाओं की बाढ़ लगाकर आरटीआई कानून का दुरुपयोग करना कहा।
सूचना आयुक्त वाई के सिन्हा ने आवेदक को चेतावनी देते हुए कहा कि आयोग को ऐसी बेकार और निरर्थक याचिकाएं प्राप्त हुईं है जिन्हें इस आधार पर बिना सुनवाई के खारिज करना पड़ेगा कि इन्हें बार-बार दाखिल किया जा रहा है और कोई व्यापक जनहित नहीं सधता।
आवेदक दिनेश ने सूचना के अधिकार के तहत अनेक आवेदन दाखिल करके उपराज्यपाल कार्यालय से संपत्तियों, अवैध निर्माण, मकानों के आवंटन समेत अन्य विषयों पर जानकारी मांगी थी।
दिनेश ने कोई जानकारी नहीं मिलने का दावा करते हुए सीआईसी से उपराज्यपाल कार्यालय को सूचना प्रेषित करने का निर्देश देने की मांग की।
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एलजी के कार्यालय की ओर से जानेमाने आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने कहा कि आवेदनों पर जवाब दिये गये हैं या आवेदक को सूचित करने के बाद संबंधित प्राधिकार को भेज दिया गया है।
सिन्हा ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के मौजूदा दौर में और उसके कारण लगे लॉकडाउन के चलते सभी संस्थानों का सामान्य कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आयोग के लिए इससे पहले से मौजूद मामलों के ढेर में और बढ़ोतरी हो जाती है।’’
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