देश की खबरें | भारत-ब्रिटेन विधिक सेवा क्षेत्र खोलने पर कर रहे मंथन
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नयी दिल्ली, 23 अगस्त भारत-ब्रिटेन दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विधिक सेवा क्षेत्र को खोलने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
विधिक सेवा समिति (एलएससी) ने विधिक सेवा क्षेत्र को खोलने में आने वाली चुनौतियों के प्रति एक-दूसरे की चिंताओं की सराहना की। इस समिति में भारतीय विधिज्ञ परिषद और लॉ सोसाइटी ऑफ इंग्लैंड एंड वेल्स के प्रतिनिधि शामिल हैं।
ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल ने उन नियमों के बारे में विस्तार से बताया जो गैर ब्रिटिश योग्य वकीलों द्वारा अदालत में प्रैक्टिस करने और कानूनी सलाह के क्षेत्रों को निर्धारित करते हैं।
विधि सचिव नितिन चंद्र के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वकीलों के अधिकारों, विशेषाधिकारों और हितों की रक्षा के लिहाज से भारतीय विधिज्ञ परिषद में निहित जिम्मेदारियों पर जोर दिया, जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।
हालांकि, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने विधिक सेवा क्षेत्र को खोलने पर एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं को होने वाले संभावित लाभों की सराहना की। दोनों देशों के प्रतिनिधि सभी हितधारकों के लाभ के लिए साझा आधार खोजने के लिए साथ मिलकर काम करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए।
एलएससी के विचार-विमर्श में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने भी भाग लिया।
जुलाई 2018 में, भारत और ब्रिटेन ने कानून और न्याय के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
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