देश की खबरें | चीनी ऐप पर प्रतिबंध ‘‘डिजिटल हमला’’: प्रसाद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने को ‘‘डिजिटल हमला’’ बताते हुए केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन यदि कोई बुरी नजर डालता है, तो देश मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
कोलकाता, दो जुलाई चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने को ‘‘डिजिटल हमला’’ बताते हुए केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन यदि कोई बुरी नजर डालता है, तो देश मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘मजबूत’’ नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर भारत ने गलवान घाटी सीमा संघर्ष में 20 सैनिकों को खोया, तो चीन के दोगुने जवान मारे गए।
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केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री प्रसाद ने कहा, ‘‘अब आप केवल दो ‘सी’ सुन सकते हैं, कोरोना वायरस और चीन। हम शांति और समस्याओं को बातचीत के जरिए हल करने में यकीन रखते हैं, लेकिन अगर कोई भारत पर बुरी नजर डालता है, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे। जब चीन ने एलएसी में दबाव बनाने की कोशिश की, हमारे जवानों ने उन्हें करारा जवाब दिया... अगर हमारे 20 जवानों ने अपनी जान का बलिदान दिया तो चीन के मारे गए जवानों की संख्या दोगुनी है।’’
उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए एक डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप सभी ने देखा होगा कि उन्होंने (चीन ने) कोई संख्या नहीं बताई।’’
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प्रसाद ने कहा कि उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमलों के बाद भारत के जवाबी हमले को लोग याद रखेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, तो इसका राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में मतलब होता है। हमारी सरकार में यह कर दिखाने की इच्छाशक्ति है। हम सभी लोग हमारे प्रधानमंत्री के साहस से अवगत हैं।’’
प्रसाद ने कहा कि 2020 का भारत किसी के आगे ‘‘अपना सिर नहीं झुकाएगा और न ही रुकेगा’’।
उन्होंने कहा, ‘‘यह 1962 का भारत नहीं है।’’
भारत और चीन के बीच 1962 में हुए युद्ध में भारत को हार का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि भारत ने देशवासियों के डेटा की सुरक्षा करने के लिए ‘‘डिजिटल हमला’’ किया। प्रसाद ने यह पूछा कि तृणमूल कांग्रेस चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध का विरोध क्यों कर रही है?
प्रसाद ने कहा, ‘‘हमारे लिए हमारे देशवासियों के डेटा की निजता एवं सुरक्षा सर्वोच्च है। आईटी मंत्री के तौर पर, हमने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए 59 ऐप को प्रतिबंधित करने का फैसला किया। हम डेटा सुरक्षा एवं राष्ट्रीय अखंडता के मामले पर समझौता नहीं करेंगे। भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करना और डिजिटल हमला करना जानता है।’’
उन्होंने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत एवं चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध से निपटने पर केंद्र से सवाल करने को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार पर निशाना साधने के बजाए पूरे देश को मिलकर इस संकट से लड़ना चाहिए।
प्रसाद ने गांधी परिवार द्वारा संचालित राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) के वित्त पोषण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आरजीएफ को चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौते के समर्थन में अध्ययन करने के लिए किसने प्रेरित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास और चीन सरकार से धन मिला। चीन के धन मिलने के बाद आरजीएफ ने दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार की वकालत करते हुए एक अध्ययन किया। हमारे पास उसके दस्तावेज हैं।’’
उन्होंने चीन-भारत सीमा पर झड़प को लेकर माकपा की ‘‘चुप्पी’’ पर भी निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैं हैरान हूं कि माकपा ने चीन की आलोचना क्यों नहीं की? मैंने माकपा के मुखपत्र में एक लेख पढ़ा था, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर भारत ने चीन को नाराज कर दिया है। क्या यह 1962 वाली माकपा ही है? क्या वह 2020 में 1962 वाली ही बोल रही है?’’
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