जरुरी जानकारी | लॉकडाउन के कारण चीन की अर्थव्यवस्था में हुआ 2.6 फीसदी का संकुचन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. चीन सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में अप्रैल-जून तिमाही में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 2.6 फीसदी का संकुचन दर्ज किया गया। जनवरी-मार्च तिमाही में वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत रही थी। वहीं एक साल पहले की तुलना में चीन की आर्थिक वृद्धि गिरकर 0.4 फीसदी रह गई जो पिछली तिमाही में 4.8 फीसदी थी।

चीन सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में अप्रैल-जून तिमाही में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 2.6 फीसदी का संकुचन दर्ज किया गया। जनवरी-मार्च तिमाही में वृद्धि दर 1.4 प्रतिशत रही थी। वहीं एक साल पहले की तुलना में चीन की आर्थिक वृद्धि गिरकर 0.4 फीसदी रह गई जो पिछली तिमाही में 4.8 फीसदी थी।

मार्च अंत में कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शंघाई और अन्य औद्योगिक केंद्रों में बेहद सख्त पाबंदियां लगा दी गई थीं। कारखानों और कार्यालयों को मई में फिर से खोलने की इजाजत दी गई। हालांकि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह सामान्य होने में कई हफ्ते या महीनों का वक्त लग सकता है।

इस तरह कैलेंडर वर्ष 2022 की पहली छमाही में चीन की वृद्धि दर सिर्फ 2.5 फीसदी रही है जो बीते तीन दशकों में सबसे कमजोर प्रदर्शन है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने शुक्रवार को घोषणा की कि मार्च के अंत में प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पिछली तिमाही के दौरान पहले से ही 1.3 प्रतिशत की कमजोर वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन मई और जून में गतिविधि में सुधार हुआ।

संक्रमण रोधी नियंत्रण उपायों से दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाह शंघाई में जहाजों का परिचालन बाधित हुआ है, जिससे वहां और अन्य प्रमुख शहरों में विनिर्माण बाधित हुआ। लाखों लोग अपने-अपने घरों तक ही सीमित थे जिससे उपभोक्ता खर्च में कमी आई।

अधिकांश आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि चीन इस साल 5.5 प्रतिशत के विकास लक्ष्य को हासिल करने में विफल रहेगा।

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