विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारा मानना है कि चीन को निशाना बनाकर कुछ देशों द्वारा लगाईं गईं पाबंदियों का वैज्ञानिक आधार नहीं है।”
उन्होंने कहा, “हम राजनीतिक उद्देश्यों के लिए कोविड उपायों में हेरफेर करने के प्रयासों का दृढ़ता से विरोध करते हैं और पारस्परिकता के सिद्धांत के आधार पर जवाबी कार्रवाई करेंगे।”
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने चीनी यात्रियों के लिए विमान में सवार होने से पहले कोविड-19 जांच अनिवार्य कर दी है। महामारी से संबंधित पाबंदियों में एकाएक ढील दिए जाने के बाद चीन संक्रमण के राष्ट्रव्यापी प्रकोप से जूझ रहा है।
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से पहले अमेरिका, ब्रिटेन, भारत, जापान और कई यूरोपीय देश चीनी यात्रियों पर इस तरह की पाबंदियां लगा चुके हैं।
एपी
चीन ने उसके यहां से जाने वाले यात्रियों के लिये कुछ देशों द्वारा लागू की गई परीक्षण की अनिवार्यता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन देशों के खिलाफ वह भी ऐसी ही प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई करेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को दैनिक ब्रीफिंग में कहा, “हमारा मानना है कि चीन को लक्षित करने वाले कुछ देशों द्वारा अपनाए गए प्रवेश प्रतिबंधों में वैज्ञानिक आधार का अभाव है, और कुछ अतिशय प्रथाएं और भी अधिक अस्वीकार्य हैं।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY