विदेश की खबरें | राजपक्षे के श्रीलंका से भागने पर चीन ने साधी चुप्पी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. श्रीलंका में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाले राजपक्षे बंधुओं की स्थिति पर बीजिंग ने बृहस्पतिवार को चुप्पी साधे रखी।

बीजिंग, 14 जुलाई श्रीलंका में चीन की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाले राजपक्षे बंधुओं की स्थिति पर बीजिंग ने बृहस्पतिवार को चुप्पी साधे रखी।

श्रीलंका में अभूतपूर्व प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़ कर भागने पर टिप्पणी करने को कहे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक बार फिर कहा कि बीजिंग श्रीलंका में अर्थव्यवस्था में नयी जान फूंकने के लिए सभी पक्षों से साथ मिल कर काम करने की अपील करता है।

उल्लेखनीय है कि द्वीपीय देश के अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना करने के बीच राजनीतिक संकट भी गहरा गया है।

वांग ने कहा, ‘‘एक मित्र, पड़ोसी और सहयोगी होने के नाते चीन को पूरी उम्मीद है कि श्रीलंका में सभी क्षेत्र अपने देश व लोगों के मूलभूत हितों को ध्यान में रखेंगे और मौजूदा मुश्किलों से उबरने के लिए, अर्थव्यवस्था में नयी जान फूंकने और लोगों की यथाशीघ्र आजीविका बेहतर करने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।’’

चीनी विदेश मंत्रालय ने उस वक्त भी यही प्रतिक्रिया दी थी जब गोटबाया के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे ने मई में जोरदार प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री के तौर पर इस्तीफा दे दिया था और देश में एक नौसेना अड्डे पर भाग गये थे।

यह पूछे जाने पर कि क्या चीन की कोई योजना श्रीलंका को नयी वित्तीय सहायता देने की है, जिसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस पर, वांग ने बीजिंग द्वारा बार-बार अपनाये गये रुख को दोहराते हुए कहा, ‘‘श्रीलंका को मौजूदा मुश्किलों से उबरने में चीन अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के साथ काम करने को तैयार है।’’

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