शिशु फार्मूला दूध से जुड़े नए घोटाले की जांच कर रहा है चीन: रिपोर्ट
हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने बृहस्पतिवार को स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि चेनझोउ के योंगक्सिंग काउंटी के अधिकारी बेई एन मिन नामक एक प्रोटीन ड्रिंक की बिक्री की जांच कर रहे हैं जिसे ‘लव बेबीज वर्कशॉप’ स्टोर में कथित तौर पर फार्मूला दूध बताकर बेचा गया।
बीजिंग, 14 मई चीन में शिशु दूध संबंधी एक और घोटाले की खबरें सामने आ रही हैं क्योंकि दक्षिणी हुनान प्रांत में अधिकारी नकली दूध के फॉर्मूले की जांच कर रहे हैं जिसके पीने से शिशुओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं।
हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने बृहस्पतिवार को स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि चेनझोउ के योंगक्सिंग काउंटी के अधिकारी बेई एन मिन नामक एक प्रोटीन ड्रिंक की बिक्री की जांच कर रहे हैं जिसे ‘लव बेबीज वर्कशॉप’ स्टोर में कथित तौर पर फार्मूला दूध बताकर बेचा गया।
पांच बच्चों के माता-पिता ने काउंटी के बाजार पर्यवेक्षण प्राधिकरण को सचेत किया कि उनके बच्चों में एक्जिमा हो गया है। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिससे त्वचा लाल हो जाती है और उसमें खुजली होने लगती है। उन्होंने बताया कि दूध पीने के बाद अचानक बच्चों का वजन घट गया और सिर सूज गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे बार-बार खुद को सिर पर मार रहे थे और फिर उन सभी के रिकेट्स (कमजोरी से संबंधित एक तरह का रोग) से ग्रसित होने का पता चला।
सोमवार को नये मामलों की रिपोर्ट करने वाले हुनान टीवी के अनुसार, माता-पिता अपने शिशुओं के लिए एक एमिनो एसिड वाला दूध पाउडर खरीदने के लिए स्टोर पर गए, जिन्हें आम फार्मूला दूध से एलर्जी थी।
शॉप के कर्मचारियों ने बेई एन मिन की सिफारिश करते हुए कहा कि यह स्टोर का सबसे अच्छा फॉर्मूला दूध है और एलर्जी से पीड़ित कई शिशुओं को दिया गया है।
एक मां ने समाचार ऐप टुटियाओ पर लिखा कि उसने अपने बच्चे को छह महीने तक यह पाउडर पिलाया, फिर एक डॉक्टर ने उसे दूसरे ब्रांड का दूध इस्तेमाल करने की सलाह दी।
उसने लिखा, ‘‘छह महीने बीत गए, मैंने पाया कि मेरे बच्चे का विकास रूक गया और 18 महीने का होने पर भी चल नहीं सका।’’
उसने कहा, ‘‘अब मुझे एहसास हुआ कि मेरे बच्चे ने नकली बेबी फॉर्मूला मिल्क पिया है। मुझे अब भविष्य में उसकी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिंता हो रही है।’’
चीन में इस तरह के कई घोटाले होने के बाद माता-पिता ज्यादातर विदेशी बेबी मिल्क पाउडर ब्रांडों पर भरोसा करते हैं।
2008 में हुए एक ऐसे ही घोटाले में खराब दूध पीने से छह शिशुओं की मौत हो गई थी और 3,00,000 अन्य बच्चे बीमार पड़ गए थे। बाद में जांच में पता चला था कि दूध में मेलामाइन मिलाया गया था, जो प्लास्टिक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक जहरीला रसायन होता है।
2003 में अन्हुई प्रांत के फूयांग में, घटिया दूध पीने से 13 शिशुओं की मृत्यु हो गई थी और 171 बच्चों को इलाज की आवश्यकता पड़ी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 02:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

