जर्मन कार इंडस्ट्री को झटका देता चीन
कारों की बात आती है तो जर्मनी को इस इंडस्ट्री का पावरहाउस कहा जाता है.
कारों की बात आती है तो जर्मनी को इस इंडस्ट्री का पावरहाउस कहा जाता है. लेकिन अब ये पावरहाउस खुद अंधकार में डूब रहा है.दुनिया में लक्जरी कारों के बाजार पर जर्मनी की धाक रही है. मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑउडी और पोर्शे जैसे कार ब्रांड ग्लोबल अपील रखते हैं. लेकिन जर्मन एसोसिएशन ऑफ दी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री (वीडीए) की प्रमुख हिल्डेग्राड म्युलर गंभीर चेतावनी दे रही हैं. जर्मन शहर म्यूनिख में आयोजित होने वाले मोबिलिटी शो से ठीक पहले उन्होंने कहा, "बड़े सुधारों के बिना" जर्मनी ऑटो हब के रूप में अपनी पहचान खो देगा. उनके मुताबिक जर्मन कार निर्माता शायद बच जाएंगे, लेकिन एक ऑटोमोबाइल पावरहाउस के रूप में जर्मनी अपनी पहचान खो देगा.
जर्मनी को पछाड़कर इलेक्ट्रिक कारों के बाजार का सिरमौर बनता चीन
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए से बात करते हुए म्युलर ने इसके लिए अति नियम कायदों को जिम्मेदार ठहराया. उनके मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के मुद्दों पर अब तक कानूनी फ्रेमवर्क नहीं बना है. म्युलर कहती हैं, "लागत के ढांचे की वजह से जर्मनी तेजी से अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा क्षमता खो रहा है."
कार इंडस्ट्री वाले देशों की तुलना करें तो जर्मनी में ऊर्जा की कीमत सबसे ऊंची है. बैटरी और चिप निर्माता कंपनियां, महंगी बिजली के कारण जर्मनी में निवेश करने से हिचक रही हैं. जर्मनी की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री, बिजली के बिल में सब्सिडी की मांग कर रही है. लेकिन इस सब्सिडी पर जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स की गठबंधन सरकार में घमासान छिड़ा है.
ऑटो इंडस्ट्री के गढ़ को चीनी दिग्गज से चुनौती
जर्मनी के सबसे बड़े मोटर शो, आईएए मोबिलिटी का उद्घाटन मंगलवार को खुद चांसलर शॉल्त्स कर रहे हैं. यह शो कार निर्माताओं, सप्लायरों, टेक कंपनियों और राजनेताओं को एक छत के नीचे लाता है. यह पहला मौका है जब आईएए में चीनी कार कंपनी बीवाईडी भी हिस्सा ले रही है. बीवाईडी इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता बन चुकी है. 2023 में ही कंपनी 18.60 लाख ई-कारें बेच चुकी है.
यूरोपीय कार निर्माता अल्फा रोमियो और ऑउडी के लिए काम कर चुके वोल्फगांग इगर अब बीवाईडी के डिजायन चीफ हैं. अपनी नई सेडान के साथ बीवाईडी, मर्सिडीज बेंज, ऑउडी और बीएमडब्ल्यू को टक्कर देना चाहती है. जर्मनी में जल्द ही बीवाईडी की बिक्री शुरू हो जाएगी.
आईएए में बीवाईडी का सबसे सस्ता मॉडल, डॉल्फिन 29,000 यूरो का है. जर्मनी की दिग्गज कार रेंटल कंपनी सिक्स्ट, अगले पांच साल में अपने बेड़े में एक लाख बीवाईडी कारें शामिल करना चाहती है. एक लाख बीवाईडी कारों का सौदा, वो भी चीनी कंपनी के साथ, जाहिर ये खबर जर्मन कार उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है. जर्मनी कार निर्माता अब भी सस्ती, स्टाइलिश और टेक सेवी इलेक्ट्रिक कारें बनाने में संघर्ष कर रहे हैं. इसके साथ ही यूरोप में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती डिमांड के हिसाब से पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन भी नहीं बन रहे हैं.
ओएसजे/एसबी (डीपीए)
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2023 03:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

