विदेश की खबरें | तेल और गैस कुओं के पास रहने वाले बच्चों को दुर्लभ ल्यूकीमिया होने का खतरा अधिक: अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. बोल्डर (अमेरिका), 20 जुलाई (द कन्वरसेशन) ‘एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया’ भले ही दुर्लभ होता है लेकिन यह बच्चों में होने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है। यह अस्थि मज्जा में शुरू होता है और तेजी से बढ़ता है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बोल्डर (अमेरिका), 20 जुलाई (द कन्वरसेशन) ‘एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया’ भले ही दुर्लभ होता है लेकिन यह बच्चों में होने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है। यह अस्थि मज्जा में शुरू होता है और तेजी से बढ़ता है।

इन मामलों में लंबे समय तक जीवित रहने की दर 90 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन कई रोगियों को जीवन भर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें हृदय संबंधी समस्याएं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं और दूसरी बार कैंसर होने का अधिक जोखिम शामिल है।

अमेरिका में कैंसर की कुल दर 2002 से घट रही है लेकिन बचपन में होने वाले ‘एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया’ के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह प्रवृत्ति इस बीमारी के केवल इलाज पर ध्यान देने के बजाय रोकथाम की आवश्यकता को और भी अधिक रेखांकित करती है।

अध्ययन सामग्री से पता चलता है कि तेल और प्राकृतिक गैस के कुओं से निकलने वाले रसायनों के संपर्क में आने से बच्चों में ‘एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया’ होने का खतरा बढ़ जाता है।

हम पर्यावरण महामारी विज्ञान के अध्ययनकर्ता हैं, जो कोलोराडो और पेंसिल्वेनिया में तेल और प्राकृतिक गैस विकास कार्यों से जुड़े स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों को समझने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

दोनों प्रांतों -कोलोराडो और पेंसिल्वेनिया - में 21वीं सदी की शुरुआत से आवासीय क्षेत्रों में तेल और प्राकृतिक गैस के विकास में तेजी आयी है। हमने विभिन्न डेटा सेट और कुछ अलग-अलग तरीकों का उपयोग करते हुए इन प्रांतों में इस मुद्दे का अध्ययन किया है।

हमारे दोनों अध्ययन में समान निष्कर्ष निकले हैं।

हमारे दोनों अध्ययनों ने ‘केस-कंट्रोल डिजाइन’ का इस्तेमाल किया है। इस डिजाइन में कैंसर से पीड़ित बच्चों (जिन्हें ‘केस’ कहा जाता है) की तुलना बिना कैंसर वाले बच्चों (जिन्हें ‘कंट्रोल’ कहा जाता है) से की जाती है। हमने प्रांत स्तरीय जन्म और कैंसर रजिस्ट्रियों के डेटा का उपयोग किया।

हमने संवेदनशील समय अवधि जैसे गर्भावस्था या बचपन के प्रारंभिक वर्षों में तेल और प्राकृतिक गैस के संपर्क का अनुमान लगाने के लिए विशेष मानचित्रण तकनीकों का उपयोग भी किया।

कोलोराडो अध्ययन में 1992 से 2019 के बीच जन्मे बच्चों को देखा गया। इस अध्ययन में 451 बच्चों के ल्यूकीमिया से पीड़ित होने का पता चला जबकि 2,706 बच्चों में कोई कैंसर नहीं था। अध्ययन ने यह भी माना कि बच्चे के घर के पास कितने तेल और प्राकृतिक गैस के कुएं थे और प्रत्येक कुएं पर गतिविधि कितनी तीव्र थी। गतिविधि की तीव्रता में तेल और गैस उत्पादन की मात्रा और कुएं के उत्पादन के चरण शामिल थे।

कोलोराडो अध्ययन में पाया गया कि दो से नौ वर्ष के बच्चे, जो उनके घर के आसपास 13 किलोमीटर के दायरे में उच्चतम घनत्व और तीव्रता वाले तेल और गैस कुओं वाले क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें ‘एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया’ होने की आशंका कम से कम दो गुना अधिक होती है। जिन बच्चों के घर के पांच किलोमीटर के भीतर कुएं थे, उनमें सबसे अधिक जोखिम पाया गया।

पेंसिल्वेनिया अध्ययन में 2009 से 2017 के बीच 405 बच्चों को ल्यूकीमिया होने का पता चला और 2,080 बच्चे बिना कैंसर के थे। इस अध्ययन में पाया गया कि जिन बच्चों का जन्म तेल और प्राकृतिक गैस कुओं से दो किलोमीटर के भीतर हुआ था, उनमें दो से सात वर्ष की उम्र के बीच ‘एक्यूट लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया’ होने का जोखिम उन बच्चों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक था जो दो किलोमीटर के दायरे से दूर रहते थे।

मां की गर्भावस्था के दौरान तेल और प्राकृतिक गैस के संपर्क में आए बच्चों में ल्यूकीमिया विकसित होने का जोखिम और भी अधिक स्पष्ट पाया गया।

हमारे दोनों अध्ययनों के परिणामों का समर्थन 2017 में कोलोराडो में प्रकाशित एक पिछले अध्ययन ने भी किया है।

जमीन के नीचे मौजूद तेल और प्राकृतिक गैस को निकालने के लिए भारी ड्रिलिंग उपकरण उच्च दबाव में पानी और रसायन धरती में छोड़ते हैं। इसके बाद पेट्रोलियम और दूषित अपशिष्ट जल सतह पर वापस आता है। यह स्थापित तथ्य है कि ये गतिविधियां हवा और पानी में कैंसर पैदा करने वाले रसायन छोड़ सकती हैं। इनमें बेंजीन और अन्य प्रदूषक शामिल हैं।

हमारे परिणाम एक अधिक व्यापक नीतिगत दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं जो न केवल कुओं और आवास के बीच दूरी को ध्यान में रखता है, बल्कि नये और मौजूदा कुओं से निकलने वाले हानिकारक उत्सर्जन की अनिवार्य रूप से निगरानी और नियंत्रण को भी शामिल करता है।

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