देश की खबरें | मुख्यमंत्री विजयन अवैध ध्वज स्तंभ के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक करेंगे:केरल सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों और संघों द्वारा पूरे राज्य में ध्वज स्तंभ अवैध रूप से लगाए जाने से उपजी स्थिति को लेकर एक सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। राज्य की वाम मोर्चा सरकार ने बृहस्पतिवार को केरल उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी।
कोच्चि, दो दिसंबर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों और संघों द्वारा पूरे राज्य में ध्वज स्तंभ अवैध रूप से लगाए जाने से उपजी स्थिति को लेकर एक सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। राज्य की वाम मोर्चा सरकार ने बृहस्पतिवार को केरल उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी।
राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदम की सराहना करते हुए न्यायमूर्ति दीवान रामचंद्रन ने कहा कि भूमि संरक्षण अधिनियम को लागू करने की जरूरत है, जो जिलाधिकारियों द्वारा किया जा सकता है और इस विषय पर गौर करने और नीतिगत फैसला करने की मुख्यमंत्री को जरूरत नहीं है।
न्यायमूर्ति रामचंद्रन ने कहा, ‘‘सरकार को कानून के मुताबिक काम करना होगा और उसके लिए मुझे नहीं लगता कि किसी नीतिगत फैसले की जरूरत है। मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि जिलाधिकारियों ने क्यों चुप्पी साध रखी है? यह अदालत के सख्त आदेश को आमंत्रित करेगा।’’
अदालत ने कहा कि अधिनियम के तहत जिलाधिकारियों के कार्रवाई करने का उपयुक्त आधार है और वे भारी जुर्माना लगा सकते हैं तथा जरूररत होने पर मुकदमा भी कर सकते हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि अदालत उसके लिए कुछ सप्ताह का इंतजार कर सकती है और जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध ध्वज स्तंभों के खिलाफ अधिनियम के तहत उनके द्वारा उठाये गये कदमों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने राज्य सरकार को भी उसके द्वारा किये जाने वाले किसी नीतिगत फैसले के बारे में सुनवाई की अगली तारीख तक सूचना देने को कहा और विषय की अगली सुनवाई 20 दिसंबर के लिए निर्धारित कर दी।
अदालत एक सहकारी संस्था की याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसने आरोप लगाया है कि एक राजनीतिक पार्टी उसकी जमीन पर अवैध रूप से ध्वज व बैनर लगा रही है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि एक नवंबर, 15 नवंबर और 25 नवंबर के उसके आदेश के बावजूद अवैध ध्वज स्तंभ लगाये जा रहे हैं और खंभों को गाड़ना जारी है।
अदालत ने कहा, ‘‘लोकतंत्र का यह मतलब नहीं है कि आप कोई चीज अवैध रूप से करें। ’’
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