मुख्यमंत्री ने निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आर्थिक गतिविधियों को अनुमति देने का सुझाव दिया
रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से आयोजित मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आर्थिक गतिविधियों को अनुमति दी जाए तथा राज्य के अंदर ग्रीन जोन के बीच में सीमित पर्यटन गतिविधियां शुरू की जाएं।
देहरादून, 11 मई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आर्थिक गतिविधियों तथा राज्य के अंदर ग्रीन जोन के बीच सीमित पर्यटन गतिविधियों की अनुमति देने का सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कोरोना की मार से सर्वाधिक प्रभावित लघु एवं मध्यम उघोगों को राहत दिये जाने का भी सुझाव दिया।
रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से आयोजित मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आर्थिक गतिविधियों को अनुमति दी जाए तथा राज्य के अंदर ग्रीन जोन के बीच में सीमित पर्यटन गतिविधियां शुरू की जाएं।
कारोना वायरस महामारी से होटल, रेस्टोरेंट तथा पर्यटन एवं परिवहन व्यवसाय को सर्वाधिक प्रभावित बताते हुए रावत ने कहा कि राज्य में कई लाख लोगों को रोजगार देने वाले करीब ढाई लाख एमएसएमई उद्योगों को राहत देने पर भी विचार किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मनरेगा के अंतर्गत मानक गतिविधियों में होम स्टे, अल्पावधि कृषि कार्यों तथा अन्य गतिविधियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने मनरेगा की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों के मजदूरों के लिए भी एक नई योजना लाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने उद्योगों की तरह ही किसानों को एकल खिडकी प्रणाली (सिंगल विंडो सिस्टम) की तरह पोर्टल तैयार किये जाने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि खनन के चुगान में बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता रहती है, जिसके लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण से अनुमति प्रदान करने में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
रावत ने गरीब प्रवासियों के राशन कार्ड नहीं होने का मसला उठाते हुए बैठक में उनके राशन कार्ड बनाने की अनुमति दिये जाने का भी सुझाव दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि लॉकडाऊन के दौरान राज्य का कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं सोया। कोविड-19 की रोकथाम के लिए राज्य में पर्याप्त व्यवस्था होने का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कोरोना के मामले 45 दिनों में दोगुने हो रहे हैं तथा अब तक पाए गये 68 संक्रमितों में से 46 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट गये हैं।
रावत ने बताया कि अब तक राज्य में 45 हजार प्रवासियों को वापस लाया गया है, जिसका खर्च राज्य सरकार ने वहन किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने लगभग दो लाख श्रमिकों के खाते में 2,000 रुपये की राशि जमा करायी है। इसके अलावा, 3500 उद्योगों में 45 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य आरम्भ किया गया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 12:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

