रामबन, 21 अप्रैल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सोमवार को रामबन जिले के मरूग पहुंचे और एक दिन पहले अचानक आई बाढ़ तथा भूस्खलन से उत्पन्न जमीनी स्थिति का आकलन किया।
रविवार को बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कों तथा आवासीय भवनों सहित बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में दो भाई-बहनों सहित तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोगों को बचाया गया। इससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को भारी क्षति पहुंची है और कई वाहन मलबे में दबे हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अब्दुल्ला को आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करना था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जब बताया गया कि बनिहाल क्षेत्र में राजमार्ग को साफ कर दिया गया है, तो उन्होंने सड़क मार्ग से यात्रा की।
उपमुख्यमंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने रामबन से विधायक अर्जुन सिंह राजू और बनिहाल से विधायक सज्जाद शाहीन के साथ रविवार शाम मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जो उस समय दिल्ली में थे।
अब्दुल्ला सोमवार सुबह श्रीनगर पहुंचे और घोषणा की कि वह आज रामबन का दौरा करेंगे।
इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि राजमार्ग पर एक दर्जन से अधिक स्थानों पर, विशेष रूप से सेरी और मरूग के बीच चार किलोमीटर के हिस्से में, भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर कीचड़-मलबे की ऊंचाई 20 फुट से भी अधिक है। अधिकारी ने कहा कि राजमार्ग को यातायात के लिए पुनः खोलने में पांच से छह दिन लगने की संभावना है।
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