एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने की उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास संरचना और राजस्व स्रोतों की व्यापक समीक्षा की।

जरुरी जानकारी | मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने की उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति की समीक्षा

लखनऊ, 14 जुलाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास संरचना और राजस्व स्रोतों की व्यापक समीक्षा की।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक यात्रा को 'संभावनाओं से परिणाम तक' की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि यह रूपांतरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की परिकल्पना से प्रेरित है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब केवल आंकड़ों की प्रगति नहीं बल्कि ज़मीनी स्तर पर बदलाव का प्रमाण बन चुकी है।

बैठक में प्रस्तुत विवरण के मुताबिक, राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 2024-25 में 29.6 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने का अनुमान है। यह वर्ष 2020-21 की तुलना में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8.4 प्रतिशत से बढ़कर 8.9 फीसद हो गई है।

बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में ठोस उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें 2026 तक 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर अभी से ठोस रणनीति बनानी चाहिए।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य की आर्थिक संरचना में स्पष्ट परिवर्तन दिखाई दे रहा है, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों की हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि हो रही है जबकि कृषि आधारित हिस्सेदारी क्रमिक रूप से कम हो रही है।

उन्होंने ‘मेक इन यूपी’ मॉडल को अगले दशक के लिए औद्योगिक रणनीति का आधार बताते हुए निर्देश दिये कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नयी इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान यह भी रेखांकित किया कि विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आंकड़े पूर्णतः प्रमाणिक और ताजा होने चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि, विनिर्माण, सेवा, ऊर्जा और मानव संसाधन जैसे प्रत्येक प्रमुख क्षेत्र के लिए स्पष्ट, समयबद्ध और परिणामोन्मुख खाका तैयार कर नियोजन विभाग के समन्वय से सतत समीक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने कहा कि सही आंकड़े ही नीति निर्माण के सही आधार बनते हैं और यही उत्तर प्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में तेज़ी से आगे ले जाने में सहायक होंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2025 11:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).