जरुरी जानकारी | मुख्यमंत्री ने बेदी पर सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बुधवार को आरोप लगाया कि लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी सरकार द्वारा संचालित कपड़ा मिलों को बंद करने का आदेश दे रही हैं जिससे कर्मचारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो रहा है।

पुडुचेरी, 30 सितंबर पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बुधवार को आरोप लगाया कि लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी सरकार द्वारा संचालित कपड़ा मिलों को बंद करने का आदेश दे रही हैं जिससे कर्मचारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो रहा है।

उन्होंने दावा किया कि ‘लेफ्टिनेंट गवर्नर’ के दखल से एक सदी पुरानी एएफटी मिल को बंद किये जाने के बाद अब स्वदेशी कॉटन मिल्स और श्री भारती मिल्स को बंद कर दिया गया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक उनकी सरकार का सवाल है, वह किसी भी कपड़ा इकाई को बंद किये जाने के पक्ष में नहीं हैं।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम मिलों को पुन: स्थापित करने और खासकर मौजूदा महामारी के दौरान कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिये कदम उठाते रहे हैं।’’

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नारायणसामी ने आरोप लगाया कि लेकिन लेफ्टिनेंट गवर्न एएफटी मिल और स्वदेशी कॉटन तथा श्री भारती मिल को बंद कराने को लेकर मामले के बीच में आयीं और आदेश देने को लेकर अधिकारियों को ‘धमकाया’।

प्रशासन ने तीनों मिलों को बंद करने का कारण भारी घाटा बताया है।

औद्योगिक विभाग ने बढ़ते नुकसान को देखते हुए औद्योगिक विवाद कानून 1947 के तहत इकाइयों को बंद करने का निर्णय किया।

एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि मजदूरी समेत नियमित प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिये कोष नहीं था। विशेषज्ञों की एक समिति ने भी इन उपक्रमों को बंद करने का सुझाव दिया था।

नारायणसामी और बेदी के साथ विभिन्न मुद्दों को लेकर मतभेद है। उन्होंने लेफ्टिनेंट गवर्नर पर लोगों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को भी अनुदान की मंजूरी देने और शिक्षकों को वेतन देने के मामले में रोड़ा अटका रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘शायद ही ऐसा कोई मामला है, जिसमें उनका दखल नहीं होता हो---वह सरकार की छवि खराब करने के एजेंडे के साथ काम कर रही हैं।’’

नारायणसामी ने कहा कि बेदी के कामकाज के तरीके बारे में केंद्र को जानकारी दी गयी है लेकिन अबतक कुछ नहीं हुआ है।

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