छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक गौण वन उत्पादों की खरीद की
जंगलों से लकड़ी के अलावा होने वाले अन्य उत्पादन को गौण वन उत्पाद कहा जाता है।
नयी दिल्ली, 30 अप्रैल छत्तीसगढ़ ने चालू सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर देश में सबसे अधिक गौण वन उत्पादों की खरीद की है। राज्य सरकार की बृहस्पतिवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।
जंगलों से लकड़ी के अलावा होने वाले अन्य उत्पादन को गौण वन उत्पाद कहा जाता है।
भारतीय आदिवासी सहकारिता विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वनवासियों और ग्रामीणों से 18.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के गौण वन उत्पादों की खरीद की गयी है, जो देश के सभी राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा, झारखंड और ओडिशा जैसे केवल दो राज्यों ने गौण वन उत्पादों की खरीद शुरू की है।
इसमें कहा गया कि ट्राइफेड के आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक 18 करोड़ 67 लाख 26 हजार रुपये के गौण वन उत्पाद खरीदे गये हैं, जिसमें से 18 करोड़ 63 लाख 82 हजार रुपये की खरीद छत्तीसगढ़ ने की है। झारखंड में 3.39 लाख रुपये और ओडिशा में पांच हजार रुपये के गौण वन उत्पाद खरीदे गये हैं।
बयान में कहा गयाकि छत्तीसगढ़ में गौण वन उत्पादों की खरीद का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
राज्य सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ के 1,32,272 संग्रहकर्ताओं से लगभग 21 करोड़ रुपये मूल्य के 72,727 क्विंटल गौण वन उत्पाद खरीदे गये हैं।
बयान में कहा गयाकि इस संकट की घड़ी में और कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के दौरान, सरकार के द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गौण वनोत्पादों की खरीद किये जाने तथा नकद भुगतान प्रक्रिया से वनांचल के वनवासियों और ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही है। इसके साथ ही वन उपज संग्राहकों के लिये रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्ष 2015 से वर्ष 2018 तक केवल सात वनोत्पादों को ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता था।
बयान में कहा गया कि वर्तमान में राज्य सरकार ने ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे उत्पादों की संख्या को बढ़ाकर 23 कर दिया गया है।
चालू सत्र में राज्य में एमएसपी योजना के तहत इमली (बीज सहित), पुवाड (चिरौता), महुआ फूल (सूखा), बहेड़ा, हर्रर, कालमेघ, धवई पुष्प (सूखा), नागरमोठा, इमली फूल, करंज बीज और शहद जैसे वनोत्पाद खरीदे गये हैं।
इसके अलावा, बेल वन, आंवला (बीज रहित), रंगीनी लाख, कुसुमी लाख, फूल झाड़ू, चिरौंजी गरी, कुल्लू गोंद, महुआ बीज, कोंच बीज, जामुन बीज (सूखा), बायबडिंग और साल बीज आदि जैसे गौण वनोत्पादों की भी राज्य में एमएसपी पर खरीद की जाती है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2020 11:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

