खेल की खबरें | शतरंज ओलंपियाड का स्वर्ण पदक हमारे लिए एक जादुई पल: आनंद, हम्पी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद और शीर्ष महिला खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने शतरंज ओलंपियाड में भारत की पहली स्वर्ण पदक जीत को एक ‘जादुई क्षण’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इससे देश में इस खेल को बढावा मिलेगा।

चेन्नई, 31 अगस्त दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद और शीर्ष महिला खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने शतरंज ओलंपियाड में भारत की पहली स्वर्ण पदक जीत को एक ‘जादुई क्षण’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इससे देश में इस खेल को बढावा मिलेगा।

भारत और रूस को इंटरनेट और सर्वर की खराबी के कारण रविवार को 2020 ऑनलाइन शतरंज ओलंपियाड में संयुक्त विजेता घोषित किया गया। पहले रूस को विजेता घोषित किया गया क्योंकि फाइनल में भारत के दो खिलाड़ियों निहाल सरीन और दिव्या देशमुख ने सर्वर के साथ कनेक्शन नहीं बन पाने से समय गंवाया।

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भारत ने इस विवादास्पद फैसले पर विरोध व्यक्त किया जिसके बाद इसकी समीक्षा की गयी और फिर दोनों देशों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया।

भारत के पहले ग्रैंडमास्टर और पांच बार के विश्व चैम्पियन आनंद के लिए यह ओलंपियाड का पहला पदक है। उन्होंने इसे ‘जादुई क्षण’ करार दिया।

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भारतीय टीम के सभी 11 खिलाड़ियों के साथ मीडिया से ऑनलाइन बातचीत में आनंद ने कहा, ‘‘ यह टूर्नामेंट मेरे लिए एक सपने जैसा था। मेरे लिए एक यह विशेष स्वर्ण (पदक) है। युवाओं के लिए एक खास पल। स्वर्ण पदक जीतना एक जादुई लम्हा है।’’

पहली बार भारतीय टीम के स्वर्ण पदक जीतने पर आनंद ने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि इससे भारत में कई चीजों की शुरुआत होगी।’’

भारतीय पुरुषों ने इससे पहले 2014 में कांस्य जीता था, जो इस स्वर्ण पदक से पहले देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

आनंद ने कहा, ‘‘ओलंपियाड की यह जीत बहुत खास है। एक बहुत ही विशेष पदक, मैं इसे अपने संग्रह में जोड़ूंगा।’’

विश्व रैपिड चैंपियन, हम्पी ने इस जीत को भारतीय शतरंज के लिए एक स्वर्णिम क्षण बताया और कहा कि जीत में शानदार ‘टीम वर्क’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय शतरंज के लिए वास्तव में एक विशेष और सुनहरा लम्हा। निहाल सरीन, आर प्रगनानंदा, वंतिका जैसे प्रतिभाशाली युवाओं ने अच्छा प्रदर्शन किया। शानदार टीम वर्क ने हमारे लिए यह संभव किया। हमारे पास मिश्रित टीम होना फयदेमंद रहा।’’

उन्होंने कहा कि आनंद के टीम में होने से सब को बहुत प्रेरणा मिली।

टीम के कप्तान विदित गुजराती ने कहा कि यह टीम के सभी खिलाड़ियों के सहयोग से संभव हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा काम किया जिससे हमें स्वर्ण पदक मिला। आनंद के साथ काम करना एक शानदार अनुभव था।’’

युवा खिलाड़ियों प्रगनानंदा, निहाल सरीन, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने कहा कि ओलंपियाड स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के साथ आनंद, हम्पी, पी हरिकृष्णा एवं डी हरिका के साथ खेलने का मौका मिलना गर्व की बात है।

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