जरुरी जानकारी | सस्ते रिण प्रवाह से बढ़ सकती हैं निवेश गतिविधियां, रिण वृद्धि हो सकती है तेज: आरबीआई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि सस्ती दर पर कोष प्रवाह बढ़ने से निवेश गतिविधियों की शुरुआत हो सकती है और रिण वृद्धि को गति मिल सकती है। केन्द्रीय बैंक के मुताबिक कोविड- 19 संकट शुरू होने से पहले से ही रिण वृद्धि की चाल धीमी पड़ गई थी।

मुंबई, 25 अगस्त रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि सस्ती दर पर कोष प्रवाह बढ़ने से निवेश गतिविधियों की शुरुआत हो सकती है और रिण वृद्धि को गति मिल सकती है। केन्द्रीय बैंक के मुताबिक कोविड- 19 संकट शुरू होने से पहले से ही रिण वृद्धि की चाल धीमी पड़ गई थी।

रिजर्व बैंक की मंगलवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक से रिण उठाव 2019- 20 से ही कमजोर पड़ने लगा था। तब यह 6.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा जो कि इससे पिछले साल की 13.3 प्रतिशत की रिण वृद्धि के मुकाबले तेज गिरावट को दर्शाता है। वहीं इससे भी पहले दिसंबर 2018 में रिण वृद्धि 15 प्रतिशत की ऊंचाई तक पहुंच चुकी थी।

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वर्ष 2019- 20 के दौरान हालांकि मौद्रिक एवं रिण की स्थितियों में नरमी आ गई थी लेकिन कोविड- 19 महामारी के कारण हाल के महीनों में मुद्रा की मांग में असामान्य तेजी देखी गई। वहीं इस दौरान सकल जमा में कमी का रुख रहा।

रिजर्व बैंक की 2019- 20 की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष के दौरान सभी क्षेत्रों में गिरावट के चलते रिण वृद्धि भी काफी कमजोर रही लेकिन इस दौरान रिजर्व बैंक ने नकदी की स्थिति को सक्रियता दिखाते हुये व्यस्थित किया और इसके लिये उसने परंपरागत और गैर- परंपरागत दोनों तरह के उपायों का इस्तेमाल किया।

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रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘आने वाले दिनों में जैसे जैसे कोविड- 19 संक्रमण स्थिर होगा और अर्थव्यवस्था में मरम्मत और सुधार का काम जारी होगी, अधिशेष नकदी की स्थिति के साथ ही नीतिगत दर में कटौती से विश्वास बढ़ने लगेगा, वित्तीय स्थितियों में भी तनाव कम होगा और सस्ती दर पर कोष के प्रवाह को प्रोत्साहित किये जाने से निवेश गतिविधियों की शुरुआत होगी तथा एक मजबूत वहनीय वृद्धि का आधार तैयार होगा।’’

रिपोर्ट में इस बात पर गौर किया गया है कि वर्ष 2019 के दौरान जीडीपी के समक्ष रिण का फासला काफी व्यापक रहा। यह सथिति रिण मांग में कमी को दर्शाती है। इसमें कहा गया है कि महामारी को लेकर चिंताओं के बीच आर्थिक गतिविधियों में लगातार कमजोरी, इसके साथ ही कंपनियों के बही खातों में नुकसान और संपत्ति गुणवत्ता की चिंता में बैंकों की ओर से जोखिम से दूर रहने के चलते रिण- जमा अनुपात में वृद्धि कमजोर रही।

हालांकि इसमें कहा गया है कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों में रिण वृद्धि बढ़ी है। मुद्रा प्रसार के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें मार्च से जून 2020 के दौरान एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले असाधारण वृद्धि दर्ज की गइ्र।

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