अमृतसर (पंजाब), 19 दिसंबर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बेअदबी की कोशिश के आरोप में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किये जाने की घटना के एक दिन बाद रविवार को यहां स्वर्ण मंदिर पहुंचे और कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसमें कुछ ‘‘विरोधी’’ ताकतें शामिल हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
चन्नी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस घटना में कुछ ‘विरोधी’ ताकतें या एजेंसियां शामिल हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए उचित सावधानी बरतने की अपील की ताकि शत्रु ताकतों या एजेंसियों के ‘‘नापाक मंसूबों को विफल’’ किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कथित बेअदबी के प्रयास से बहुत आहत हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई गलत इरादे से आया है तो खुफिया एजेंसियां उन्हें पकड़ने और बेनकाब करने की कोशिश करेंगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति, सद्भाव, भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता के मूल्यों के प्रति भरोसा बनाए रखने के साथ संयम बरतने का आह्वान किया। चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार मामले की तह तक जाने के लिए गहन जांच के लिए प्रतिबद्ध है ताकि इस कृत्य के पीछे के ‘असली साजिशकर्ताओं’ का पर्दाफाश हो सके।
अगामी दिनों में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका के बारे में एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की खुफिया एजेंसियां और पुलिस बल असामाजिक तत्वों के ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। चन्नी ने कहा कि राज्य में किसी भी कीमत पर सौहार्दपूर्ण माहौल खराब करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ अधिकारी भी थे। इससे पहले दिन में, उपमुख्यमंत्री रंधावा ने अमृतसर में पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
रंधावा ने कहा कि पुलिस उपायुक्त (कानून व्यवस्था) के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया है, जो दो दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी ने सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थल की ‘‘परिक्रमा’’ में कुछ घंटे बिताए। साथ ही कहा कि वह ‘‘यहां एक लक्ष्य के साथ’’ आया था।
अमृतसर के पुलिस आयुक्त सुखचैन सिंह गिल ने रविवार को बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शनिवार रात भारतीय दंड संहिता की धारा-295ए (धार्मिक समूहों में द्वेष उत्पन्न करना), धारा-307 (हत्या की कोशिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि स्वर्ण मंदिर में लगे सभी कैमरों की तस्वीर प्राप्त कर ली गई है और आरोपी के बारे में सूचना एकत्र करने के लिए उनकी जांच की जा रही है।
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