देश की खबरें | सशस्त्र बलों के लिए परिवर्तन एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाना समय की जरूरत: सीडीएस
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नयी दिल्ली, छह नवम्बर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि सशस्त्र बलों के लिए परिवर्तन एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाना और अधिक परिचालन दक्षता का लक्ष्य रखना समय की जरूरत है।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रावत ‘इंडियाज सिक्योरिटी होराइजन: द कमिंग डिकेड’ शीर्षक वाले एक वेबिनार में बोल रहे थे। उन्होंने समकालीन चुनौतियां का सामना करने के लिए सशस्त्र बलों में जारी संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डाला।
बयान में कहा गया, ‘‘उन्होंने (सीडीएस) कहा कि सशस्त्र बलों के लिए बदलावों और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाना तथा अधिक परिचालन क्षमता के लिए लक्ष्य रखना समय की जरूरत है।’’
वेबिनार का आयोजन नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) द्वारा उसके हीरक जयंती समारोह के तहत किया गया था।
मंत्रालय के बयान में कहा गया कि सीडीएस ने नौकरशाही और सैन्य अधिकारियों में रणनीतिक समझ के विकास में एनडीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए, इस चुनौतीपूर्ण समय में पहलों के लिए कॉलेज की प्रशंसा की।
सीडीएस के बाद, एडमिरल करमबीर सिंह, एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया और थल सेना के उप प्रमुख सतिंदर कुमार सैनी ने भारत की भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य के युद्धों में समुद्री, वायु और भूमि घटकों की उभरती भूमिकाओं के बारे में एक सकारात्मक दृष्टिकोण सामने रखा।
बयान में कहा गया, ‘‘सत्र का समापन गृह सचिव ए के भल्ला के संबोधन के साथ हुआ, जिन्होंने आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और केंद्र और राज्यों के बीच प्रतिक्रिया को समन्वित करने की पहलों को रेखांकित किया।’’
. अमित अविनाश
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