ताजा खबरें | भारतीय विमानों का वीटी कोड बदलने से विमानन कंपनियों पर बड़ा आर्थिक असर पड़ेगा: सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय विमानों के वीटी पंजीकरण (वायसराय क्षेत्र) कोड को बदलने से घरेलू विमानन कंपनियों पर बड़ा आर्थिक असर होगा क्योंकि जब तक विमानों पर नया पंजीकरण कोड नहीं लिखा जाता, तब तक उन्हें खड़ा रखना पड़ेगा।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय विमानों के वीटी पंजीकरण (वायसराय क्षेत्र) कोड को बदलने से घरेलू विमानन कंपनियों पर बड़ा आर्थिक असर होगा क्योंकि जब तक विमानों पर नया पंजीकरण कोड नहीं लिखा जाता, तब तक उन्हें खड़ा रखना पड़ेगा।
संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन द्वारा तय वैश्विक नियमों के अनुसार प्रत्येक विमान का एक देश में पंजीकरण होता है जहां इसे पंजीकरण नंबर दिया जाता है। इसमें देश के कोड के रूप में दो अक्षर होते हैं। इसके बाद तीन अंक होते हैं। किसी भारतीय विमान के मामले में उदाहरण के लिए वीटी-123 पंजीकरण कोड हो सकता है।
भाजपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने 2016 में उच्च सदन में भारतीय विमानों के वीटी पंजीकरण कोड को बदलने के मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि वीटी का आशय ‘वायसराय क्षेत्र (टेरिटरी)’ से है और यह औपनिवेशिक शासन की झलक दिखाता है।
विजय ने राज्यसभा में कहा था, ‘‘हिंदुस्तान वायसराय का क्षेत्र नहीं हो सकता। भारत अब भी वीटी कोड की व्यवस्था को क्यों अपना रहा है? वीटी को तत्काल बदला जाना चाहिए।’’
वह 2010 से 2016 तक राज्यसभा के सदस्य रहे थे।
लोकसभा में भाजपा सदस्य हरीश द्विवेदी के प्रश्न के लिखित उत्तर में नागर विमानन राज्य मंत्री वी के सिंह ने कहा, ‘‘अगर हम वीटी कोड बदलते हैं तो सभी दस्तावेज फिर से जारी करने होंगे, विमान पर कोड फिर से पेंट करना होगा और सभी बदलाव होने तक विमान उड़ान नहीं भर सकते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पूरी प्रक्रिया के दौरान विमान खड़ा रहेगा। इसका विमानन कंपनी पर बड़ा आर्थिक प्रभाव भी पड़ेगा।’’
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