देश की खबरें | चंडीगढ़: महापौर चुनाव में भाजपा की जीत, वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर के पद पर कांग्रेस का कब्जा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को हुए चंडीगढ़ नगर निगम महापौर चुनाव में जीत हासिल की। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) समर्थित कांग्रेस के प्रत्याशियों ने क्रमश: वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर पद अपने नाम किया।

चंडीगढ़, 30 जनवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को हुए चंडीगढ़ नगर निगम महापौर चुनाव में जीत हासिल की। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) समर्थित कांग्रेस के प्रत्याशियों ने क्रमश: वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर पद अपने नाम किया।

महापौर चुनाव के लिए मुकाबला भाजपा और आप-कांग्रेस गठबंधन के बीच था। आप महापौर पद के लिए लड़ रही थी, जबकि कांग्रेस वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर के पदों के लिए चुनाव लड़ रही थी।

आप-कांग्रेस गठबंधन को झटका देते हुए भाजपा की हरप्रीत कौर बबला ने ‘आप’ उम्मीदवार प्रेम लता को हरा दिया।

बबला को 19 और लता को 17 मत मिले। कोई भी मत अवैध नहीं पाया गया।

पीठासीन अधिकारी रमणीक सिंह बेदी ने महापौर पद के परिणाम की घोषणा की।

कांग्रेस उम्मीदवार तरुणा मेहता ने भाजपा उम्मीदवार लखबीर सिंह बिल्लू को हराकर उपमहापौर के पद पर जीत हासिल की। मेहता को 19 और बिल्लू को 17 मत मिले।

महापौर पद के लिए हुए चुनाव में आप-कांग्रेस गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा जबकि दोनों दलों के पास 20 मत थे, लेकिन इसके बावजूद वे जीत नहीं पाए। चंडीगढ़ नगर निगम में सदस्यों की संख्या 35 है। इसके चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कुल 19 मतों की आवश्यकता होती है।

महापौर पद के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को मिली जीत से पता चलता है कि मतदान के दौरान ‘क्रॉस वोटिंग’ हुई थी।

चंडीगढ़ नगर निगम के 35 सदस्यीय सदन में आप के 13 पार्षद हैं और उसकी सहयोगी कांग्रेस के छह पार्षद हैं। वहीं, भाजपा के पार्षदों की संख्या 16 है।

इसके अलावा, चंडीगढ़ के सांसद को निगम के पदेन सदस्य के रूप में मतदान करने का अधिकार भी है। मनीष तिवारी कांग्रेस के मौजूदा सांसद हैं।

चंडीगढ़ नगर निगम की नयी महापौर के पद बबला के नाम की घोषणा होने के बाद भाजपा पार्षदों ने उन्हें जीत की बधाई दी।

महापौर के चुनाव के बाद वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के पदों के लिए मतदान हुआ।

पिछले साल 20 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने चंडीगढ़ महापौर चुनाव के उस नतीजे को पलट दिया था, जिसमें भाजपा उम्मीदवार विजयी हुए थे। न्यायालय ने उस चुनाव में पराजित हुए आप-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को नया महापौर घोषित कर दिया था।

इसने चुनाव के संचालन में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद चुनाव अधिकारी और भाजपा नेता अनिल मसीह के खिलाफ उनके ‘‘दुर्व्यवहार” के लिए मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया था।

महपौर पद के लिए बृहस्पतिवार को हुए चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष जितेन्द्र पाल मल्होत्रा ​​ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि उनकी पार्टी की जीत होगी।

भाजपा की चंडीगढ़ इकाई के पूर्व अध्यक्ष अरुण सूद ने आप-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए इसे ‘‘अपवित्र गठबंधन’’ करार दिया।

भाजपा की जीत पर पार्टी नेताओं ने इसे आप-कांग्रेस गठबंधन की नाकामी बताया। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसे जनता द्वारा अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस की ‘सुविधाजनक राजनीति’ को खारिज करने का संकेत बताया।

कांग्रेस की चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लकी ने स्वीकार किया कि चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ हुई और कहा कि वह आप उम्मीदवार प्रेम लता की हार से परेशान हैं।

लकी ने कहा, ‘‘हम तीनों पदों पर जीतना चाहते थे। किसी भी पार्टी (कांग्रेस, आप) में जिस भी व्यक्ति ने विश्वासघात किया है उनकी पहचान की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

‘क्रॉस वोटिंग’ के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘जिस व्यक्ति ने भी यह किया है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह हमारी पार्टी से हो या आप से और हम उसे पार्टी से बाहर निकाल देंगे। हम इसे तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएंगे।’’

बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11:20 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक गुप्त मतदान हुआ। उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक सेवानिवृत्त न्यायाधीश जयश्री ठाकुर की निगरानी में चुनाव संपन्न हुआ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now