देश की खबरें | सभापति ने निरस्त की दिनेश सिंह के खिलाफ अयोग्यता याचिका
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तरप्रदेश विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने कांग्रेस सदस्य दिनेश प्रताप सिंह की सदस्यता समाप्त करने संबंधी पार्टी की याचिका को निरस्त कर दिया है।
लखनऊ, 28 जुलाई उत्तरप्रदेश विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने कांग्रेस सदस्य दिनेश प्रताप सिंह की सदस्यता समाप्त करने संबंधी पार्टी की याचिका को निरस्त कर दिया है।
कांग्रेस ने मंगलवार को सभापति के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का ऐलान किया है।
विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने कांग्रेस की ओर से विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह द्वारा दिनेश सिंह की सदस्यता समाप्त करने संबंधी याचिका सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए सोमवार को निरस्त कर दी थी।
दीपक ने कहा कि पार्टी सभापति के इस निर्णय को जल्द ही उच्च न्यायालय में चुनौती देगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
यह भी पढ़े | भारत में कोरोना वैक्सीन की इतनी हो सकती है कीमत, ग्लोबल वैक्सीन अलायंस ने कही ये बड़ी बात.
वर्ष 2016 में कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य चुने गए दिनेश सिंह ने बगावत का झंडा उठाते हुए पिछले साल लोकसभा चुनाव में रायबरेली सीट से मौजूदा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था।
दीपक ने कहा कि दिनेश सिंह को अयोग्य घोषित करने के लिए अब इससे ज्यादा और क्या आधार चाहिए?
उन्होंने आरोप लगाया कि सभापति ने याचिका के महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की है। सभापति ने बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए विधान परिषद सदस्य नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सदस्यता हाल ही में खत्म की थी। ऐसे में समान मामला होते हुए भी दिनेश सिंह की सदस्यता क्यों नहीं समाप्त की गई?
सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में उनके खिलाफ 9 मई 2018 को सदन की सदस्यता समाप्त करने की याचिका दाखिल की गई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)