जरुरी जानकारी | कोल इंडिया के चेयरमैन ने यूनियन से कहा, कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के लिए अपने कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यूनियनों ने इसकी मांग प्रबंधन के समक्ष की है। यूनियन के एक नेता ने बताया कि चेयरमैन ने कहा है कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से कर्मियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना संभव नहीं है।
नयी दिल्ली, 18 अगस्त कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के लिए अपने कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यूनियनों ने इसकी मांग प्रबंधन के समक्ष की है। यूनियन के एक नेता ने बताया कि चेयरमैन ने कहा है कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से कर्मियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना संभव नहीं है।
हिंद मजदूर सभा से संबद्ध हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष नाथूलाल पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर बुधवार को उनकी कोल इंडिया के चेयरमैन के साथ बैठक हुई।
पांडेय ने कहा, ‘‘चेयरमैन ने बताया कि कंपनी के समक्ष वित्तीय दिक्कतों की वजह से अभी कर्मचारियों को 50 प्रतिशत की वेतनवृद्धि देना मुश्किल है। यदि कंपनी 10 प्रतिशत की भी वेतनवृद्धि देती है, तो इससे उस पर 5,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।’’
कोल इंडिया के कर्मचारियों के वेतन में प्रत्येक पांचवें साल में संशोधन किया जाता है। कर्मचारियों की वेतनवृद्धि जुलाई, 2021 में होनी थी।
कोल इंडिया ने 2017 में कर्मचारी यूनियनों के साथ वेतन करार किया था। इसके तहत पांच साल के लिए कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव किया गया था।
देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत हिस्सा कोल इंडिया का है। उसके कर्मचारियों की कुल संख्या 2.59 लाख है। इसमें से 15 हजार के करीब कार्यकारी स्टाफ है।
कर्मचारी यूनियनों ने कोल इंडिया प्रबंधन को अपना मांग पत्र दिया है जिसमें पांच साल के अवधि के दौरान वेतन में कम से कम 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग शामिल है।
अजय
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