देश की खबरें | राज्यसभा से निलंबन पर चड्ढा ने साधा सरकार पर निशाना, मिला सहयोगी दलों का साथ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नियमों के घोर उल्लंघन और अवमाननापूर्ण आचरण के चलते विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक राज्यसभा से निलंबित किए गए आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार चाहती है कि कोई उसके खिलाफ ना बोले इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
नयी दिल्ली, 11 अगस्त नियमों के घोर उल्लंघन और अवमाननापूर्ण आचरण के चलते विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक राज्यसभा से निलंबित किए गए आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार चाहती है कि कोई उसके खिलाफ ना बोले इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस ‘इंडिया’ के घटक दलों ने भी चड्ढा के निलंबन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
निलंबन के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पूर्व में (ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘मुझे क्यों निलंबित किया गया, मेरा क्या अपराध है? क्या मेरा यह अपराध है कि मैंने संसद में खड़े होकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के नेताओं से सवाल पूछे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पहले हमारे राज्यसभा सांसद संजय सिंह को, फिर लोकसभा सांसद सुशील रिंकू को निलंबित किया गया। ऐसे तो लोकतंत्र बचेगा नहीं।’’
राज्यसभा में एक प्रस्ताव पारित कर शुक्रवार को चड्ढा को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।इसके साथ ही, अशोभनीय आचरण तथा नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किए गए आप सदस्य संजय सिंह के निलंबन की अवधि भी विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक बढ़ा दी गई।
उच्च सदन में आम आदमी पार्टी के 10 सदस्य हैं।
चड्ढा ने कहा कि क्या भाजपा को यह डर सताता है कि 34 साल का यह युवा नेता उन्हें ललकारता है? उन्होंने कहा, ‘‘ये बहुत शक्तिशाली लोग हैं और ये किसी हद तक भी जा सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता और राज्यसभा में जब विपक्ष के नेता बोलते हैं तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है।
चड्ढा ने कहा कि इसी मानसून सत्र में आप आदमी पार्टी के तीन सांसदों संजय सिंह, सुशील कुमार रिंकू और उन्हें निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा देखने को मिला कि लोकसभा में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के नेता (अधीररंजन चौधरी) को ही निलंबित कर दिया गया क्योंकि सत्ता पक्ष चाहता है कि उनके खिलाफ कोई नहीं बोल सके।
आप नेता ने कहा कि वह शहीदे आजम भगत सिंह की धरती से आते हैं और विशेषाधिकार समिति के समक्ष पूरी ताकत से अपनी बात रखेंगे और न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने आशंका जतायी कि जिस तरह भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता खत्म की, ऐसे ही आम आदमी पार्टी के किसी सदस्य की सदस्यता भी खत्म की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि उन पर जो आरोप लगाये जा रहे हैं वह सही नहीं हैं क्योंकि संसद की समिति में किसी सदस्य का नाम लेने के लिए उसकी लिखित सहमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सदस्य चाहे तो अपना नाम बाद में वापस ले सकता है।
राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सदस्यों को इस तरह निलंबित करना गलत है।
उन्होंने कहा, ‘‘राघव चड्ढा को निलंबित क्यों किया गया है? जिन सदस्यों को अपने नामों (प्रस्तावित प्रवर समिति में शामिल किए जाने) पर आपत्ति थी, वे सभापति के पास यह कहने के लिए जा सकते थे कि वे संसदीय समिति का हिस्सा नहीं बनना चाहते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राघव चड्ढा को इस तरह से निलंबित करना गलत है। वह एक सांसद को मिलने वाले कई विशेषाधिकारों का से वंचित रहेंगे और साथ ही संसदीय समितियों की बैठकों में भाग नहीं ले पाएंगे।’’
तिवारी ने कहा कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे को उठाएगा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, चड्ढा के निलंबन के खिलाफ सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखेंगे।
सिंह के निलंबन की समय सीमा बढ़ाए जाने पर तिवारी ने कहा कि एक सत्र बीत चुका है और आप सांसद अब भी निलंबित हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जिस तरह से भाजपा नीत सरकार सवाल पूछने पर विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ‘‘संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली बार है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को निलंबित किया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण और अवांछित है।’’
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माजी ने भी चड्ढा के निलंबन की निंदा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि वह विपक्ष के बहुत सक्रिय सांसद हैं।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि जिस तरह से एक के बाद एक विपक्षी नेताओं को निलंबित किया जा रहा है, वह उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से छोटी-छोटी बातों पर विपक्षी सांसदों को इस तरह से निलंबित किया जा रहा है, उसके खिलाफ पूरा विपक्ष है।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष इसके खिलाफ एकजुट है और इसका विरोध करता रहेगा।’’
शुक्ला ने कहा कि सिंह के निलंबन का विस्तार भी उचित नहीं है।
आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील कुमार रिंकू को तीन अगस्त को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया था।
चड्ढा पर आरोप है कि उन्होंने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023’ को पारित कराने की प्रक्रिया के दौरान प्रवर समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था और इस समिति के लिए चार सांसदों.. सस्मित पात्रा (बीजू जनता दल), एस फान्गनॉन कोन्याक (भारतीय जनता पार्टी), एम थंबीदुरई (ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक मुनेत्र कषगम) और नरहरि अमीन (भाजपा) के नाम उनकी अनुमति के बिना शामिल किए थे।
ब्रजेन्द्र
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