जरुरी जानकारी | सीजी पावर के ऋणदाता ऋण पुनर्गठन पर सहमत, मुरुगप्पा के लिए अधिग्रहण का रास्ता साफ
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नयी दिल्ली, 22 नवंबर सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के ऋणदाता एकबारगी ऋण पुनर्गठन के लिए सहमत हो गए हैं। इससे चेन्नई के मुरुगप्पा समूह द्वारा घोटाले में घिरी उपकरण विनिर्माता कंपनी के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।
सीजी पावर पर कुल 2,161 करोड़ रुपये का कर्ज है। इनमें 14 बैंकों का गठजोड़ 1,100 करोड़ रुपये का घाटा (हेयरकट) उठाने को तैयार हो गया है। शेष ऋण का पुनर्गठन किया जाएगा।
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सीजी पावर और मुरुगप्पा समूह की कंपनी ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया (टीआईआईएल) ने शेयर बाजारों को अलग-अलग भेजी सूचना में कहा है कि ऋणदाताओं ने एकबारगी निपटान और ऋण पुनर्गठन की मंजूरी दे दी है। टीआईआईएल ने अगस्त में 56.61 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए सीजी पावर में 700 करोड़ रुपये का निवेश करने की सहमति दी थी।
अब सीजी पावर, टीआईआईएल तथा ऋणदाताओं के बीच 20 नवंबर को एकबारगी निपटान और पुनर्गठन के लिए बाध्यकारी करार हुआ है।
इस करार के तहत ऋणदाताओं को अग्रिम में 650 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये के कर्ज को पांच साल की अवधि के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचरों में बदला जाएगा।
सूचना में कहा गया है कि इसके साथ ही ऋणदाताओं को पांच साल के दौरान सीजी की संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि का भुगतान किया जाएगा। संपत्ति की बिक्री से सीजी पावर के बही-खातों से 150 करोड़ रुपये का कर्ज और हट जाएगा। यह इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि संपत्ति की बिक्री से कितनी राशि प्राप्त हुई है।
अजय
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