देश की खबरें | सीवर, सेप्टिक टैंक में दुर्घटनाओं की संख्या में केंद्र के प्रयासों से कमी आई: सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि वह सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौत की दुखद घटनाओं को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। साथ ही, दावा किया कि उसके प्रयासों से इस तरह की घटनाओं की संख्या में काफी कमी आयी है।

नयी दिल्ली, आठ जुलाई केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि वह सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौत की दुखद घटनाओं को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। साथ ही, दावा किया कि उसके प्रयासों से इस तरह की घटनाओं की संख्या में काफी कमी आयी है।

केंद्र ने कहा कि राज्य सरकारें उन कानूनों का सख्त अनुपालन करने के लिए जिम्मेदार हैं जो हाथ से मैला उठाने को निषिद्ध करती हैं। साथ ही, उन नियमों के सख्त अनुपालन के लिए भी राज्य सरकारें जिम्मेदार हैं जो सुरक्षा पोशाक एवं उपकरण मुहैया करने के लिए नियोक्ता के दायित्व निर्धारित करते हैं और सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के कार्य में शामिल किसी व्यक्ति के लिए सुरक्षा एहतियात का प्रावधान करते हैं।

केंद्र ने एक हलफनामे में कहा, ‘‘केंद्र सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौत की घटनाओं को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। इसलिए, जब कभी ऐसा मामला संज्ञान में आता है तो विषय को फौरन संबद्ध राज्य सरकार के समक्ष उठाया जाता है ताकि संबद्ध राज्य सरकार प्रभावित परिवार के सदस्यों को मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित कर सके। ’’

इसमें कहा गया है कि ऐसी घटनाएं होने पर सीवर या सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई के कार्य में लोगों को लगाने में जिम्मेदार व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विषय को राज्य सरकार के समक्ष भी उठाया गया है।

केंद्र ने कहा कि हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम (2013) के क्रियान्वयन के साथ देश भर में हाथ से मैला उठाने को निषिद्ध किया गया है।

केंद्र ने यह दलील 2013 के उक्त अधिनियम का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का अनुरोध करने वाली एक याचिका पर दी है।

शुक्रवार को, मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी को केंद्र के हलफनामे पर सुझाव दाखिल करने की अनुमति दी तथा विषय की अगली सुनवाई सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी।

केंद्र ने कहा कि ‘सफाई’ राज्य सूची का विषय है और राज्य सरकार 2013 के अधिनियम का सख्त अनुपालन करने के लिए जिम्मेदार है।

केंद्र ने कहा, ‘‘उसके द्वारा किये गये प्रयासों के चलते सीवर और सेप्टिक टैंक में होने वाली दुखद घटनाओं में काफी कमी आई है। ’’

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