नयी दिल्ली, चार सितंबर बिजली इंजीनियरों के संगठन एआईपीईएफ ने ताप-विद्युत संयंत्रों के लिए कोयला के आयात संबंधी केंद्र सरकार के निर्देशों से सोमवार को इन संयंत्रों पर ‘अतिरिक्त बोझ’ पड़ने की आशंका जताई।
बिजली मंत्रालय ने कहा है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्र के सभी ताप-विद्युत संयंत्रों को घरेलू कोयले पर चलने वाले बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी पूरा करने के लिए मार्च, 2024 तक चार प्रतिशत कोयला आयात करना होगा।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के मुताबिक, केंद्र सरकार ने बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए घरेलू कोयला-आधारित संयंत्रों को कोयले की खपत एवं आपूर्ति के बीच के अंतर को पाटने के लिए कोयला आयात करने को कहा है।
हालांकि, एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा कि ताप-विद्युत संयंत्रों को समय पर कोयला नहीं मिलने की वजह रेलवे ढुलाई से जुड़ी बाधाएं हैं लिहाजा राज्य के संयंत्रों पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है।
दुबे ने कहा कि आयातित कोयले की कीमत केंद्र सरकार को देनी चाहिए क्योंकि इस स्थिति के लिए राज्यों के ताप-विद्युत संयंत्र जिम्मेदार नहीं हैं।
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