देश की खबरें | केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के उपायों का प्रस्ताव रखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए आवश्यक सामानों को लाने वाले वाहनों के अलावा सभी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने, स्कूलों को बंद करने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति समेत कई उपायों का बुधवार को उच्चतम न्यायालय में सुझाव दिया।
नयी दिल्ली, 17 नवंबर केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए आवश्यक सामानों को लाने वाले वाहनों के अलावा सभी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने, स्कूलों को बंद करने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति समेत कई उपायों का बुधवार को उच्चतम न्यायालय में सुझाव दिया।
केंद्र की दलीलों पर गौर करते हुए उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और एनसीआर राज्यों को वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मंगलवार को हुई बैठक में लिए इन फैसलों का पालन करने का निर्देश दिया।
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय की। इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि विभिन्न कदम उठाए गए हैं और उन्होंने इस मामले में कोई बहुत कड़ा आदेश नहीं देने का अनुरोध किया।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्य सचिवों की एक बैठक मंगलवार को हुई।
मेहता ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारियों के लिए घर से काम करने के मुद्दे पर विचार किया गया लेकिन उसके अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कुल वाहन ज्यादा नहीं हैं इसलिए घर से काम करने के बजाय हमने पूलिंग और वाहनों को साझा करने के लिए परामर्श जारी किया है।
केंद्र ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति का भी सुझाव दिया। मामले की सुनवाई अभी चल रही है।
प्राधिकारियों ने बताया कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गयी और रविवार तक इसमें सुधार की संभावना नहीं है।
उच्चतम न्यायालय पर्यावरण कार्यकर्ता आदित्य दुबे और कानून के छात्र अमन बंका की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन्होंने छोटे और मध्यम किसानां को पराली हटाने वाली मशीनें निशुल्क उपलबध कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
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