देश की खबरें | केंद्र जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने को तैयार नहीं : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कर्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्र सरकार केंद्र शासित प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए तैयार नहीं है और वह किसी भी राज्य की रीढ़ माने जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखने की योजना बना रही है।
राजौरी/जम्मू, 26 नवंबर जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्र सरकार केंद्र शासित प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए तैयार नहीं है और वह किसी भी राज्य की रीढ़ माने जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी संशोधन को स्वीकार नहीं करेगी और जम्मू-कश्मीर को यथाशीघ्र पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए दबाव बनाती रहेगी।
कर्रा ने राजौरी जिले में 75वें संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक जनसभा से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनके पास जानकारी है कि केंद्र सरकार में कुछ प्रभावशाली लोग जम्मू-कश्मीर को उसके मूल स्वरूप में राज्य का दर्जा बहाल करने के इच्छुक नहीं हैं।
जेकेपीसीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वे (सरकार) कुछ महत्वपूर्ण विभागों को अपने पास रखना चाहते हैं जो किसी भी राज्य की रीढ़ और आधार होते हैं। वे इन विभागों को अपने सीधे नियंत्रण में रखने के लिए कुछ संशोधन चाहते हैं। कांग्रेस को ऐसे राज्य का दर्जा स्वीकार्य नहीं है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के फैसले पर कांग्रेस के रुख के बारे में पूछे जाने पर कर्रा ने कहा कि पार्टी पहले ही इस विषय पर सैद्धांतिक रुख अपना चुकी है और सरकार की कार्रवाई को ‘‘एकतरफा और अलोकतांत्रिक’’ करार दे चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने छह अगस्त, 2019 को बैठक की और एक प्रस्ताव पारित किया जो अपने आप में स्पष्ट है। प्रस्ताव में सरकार की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की गई और इसे अलोकतांत्रिक और एकतरफा करार दिया गया। जम्मू-कश्मीर के लोगों से परामर्श किए बिना उन्हें (सरकार को) ऐसा कदम उठाने का कोई अधिकार नहीं है।’’
कर्रा ने कहा कि इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले ने दलों को जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी एकमात्र मांग राज्य का दर्जा बहाल करना है और हमारा रुख उच्चतम न्यायालय के फैसले के आधार पर यथार्थवादी है। हमने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर चुनाव लड़ा था और हम इसकी बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।’’
कांग्रेस की सहयोगी सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए दबाव बना रही है। इस बारे में पूछे गए सवाल पर कर्रा ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव साथ लड़ा था ‘‘ लेकिन हमारा अपना घोषणा पत्र है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2024 06:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

