देश की खबरें | केंद्र ने इंडोसल्फान प्रभावितों के बीच क्षतिपूर्ति वितरण के लिए नहीं दी कोई सहायता: केरल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बावजूद न तो केंद्र सरकार और न ही कीटनाशक विनिर्माता ने इंडोसल्फान प्रभावितों के बीच क्षतिपूर्ति वितरण के लिए कोई सहायता प्रदान की है।
तिरुवनंतपुरम, 21 जुलाई केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बावजूद न तो केंद्र सरकार और न ही कीटनाशक विनिर्माता ने इंडोसल्फान प्रभावितों के बीच क्षतिपूर्ति वितरण के लिए कोई सहायता प्रदान की है।
उच्च शिक्षा एवं सामाजिक न्याय मंत्री आर बिंधू ने विधानसभा में कहा कि शीर्ष अदालत में इस विषय पर चल रहे मुकदमे में कीटनाशक विनिर्माता कंपनियों को पक्षकार बनाने के लिए महाधिवक्ता से कानूनी राय मांगी गयी है।
मंत्री का बयान इस मायने में अहम है कि दो महीने पहले उच्चतम न्यायालय ने केरल में इंडोसल्फान प्रभावितों को क्षतिपूर्ति का भुगतान करने में देरी को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 2018 में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर क्षतिपूर्ति वितरण के वास्ते जरूरी धनराशि का आधा हिस्सा देने का अनुरोध किया था लेकिन केंद्र ने राज्य का अनुरोध ठुकरा दिया। बिंधू ने सदन में प्रश्नकाल में कांग्रेस के तिरूवंचूर राधाकृष्णन के प्रश्न का उत्तर देते हुए यह कहा।
उच्चतम न्यायालय ने जहरीले कीटनाशक इंडोसल्फान से प्रभावित हुए प्रत्येक व्यक्ति को पांच लाख रूपये का मुआवजा नहीं दिये जाने पर केरल सरकार को फटकार लगाई थी। साथ ही, मुख्य सचिव को हर महीने बैठक करने और प्रभावित लोगों के लिए जरूरी चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
राज्य में 2011 तक काजू, कपास, चाय और फल जैसे उत्पादों की खेती में इंडोसल्फान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता था लेकिन मानव जीवन पर उसके दुष्प्रभाव के चलते उसके (इंडोसल्फान के) उत्पादन और वितरण पर रोक लगा दी गयी।
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