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देश की खबरें | केंद्र ने न्यायालय में पीएमएलए के प्रावधानों का बचाव किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में पीएमएलए के प्रावधानों का बुधवार को बचाव किया और कहा कि अगर कोई व्यक्ति जानते हुए पक्ष बनता है या वह वास्तव में धनशोधन के अपराध से जुड़ी किसी गतिविधि में शामिल रहा है तो ऐसा व्यक्ति प्रथमदृष्टया अपराध का दोषी है।

देश की खबरें | केंद्र ने न्यायालय में पीएमएलए के प्रावधानों का बचाव किया

नयी दिल्ली, दो मार्च केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में पीएमएलए के प्रावधानों का बुधवार को बचाव किया और कहा कि अगर कोई व्यक्ति जानते हुए पक्ष बनता है या वह वास्तव में धनशोधन के अपराध से जुड़ी किसी गतिविधि में शामिल रहा है तो ऐसा व्यक्ति प्रथमदृष्टया अपराध का दोषी है।

धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के ‘उद्देश्यों एवं कारणों के वक्तव्य’ और अंतरराष्ट्रीय नियमों का जिक्र करते हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि कानून का नाम ही अपने आप में व्याख्या करने वाला है और अपराध की जानकारी के साथ किसी तरह का प्रयास कानून के तहत अपराध है।

शीर्ष अदालत पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की व्याख्या से जुड़ी याचिकाओं पर दलीलें सुन रही है।

दिनभर चली दलीलों में मेहता ने पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में कुछ बैंक अधिकारियों पर अभियोजन का भी विवरण दिया।

उन्होंने पीएमएलए के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘नीरव मोदी मामले में कुछ बैंक अधिकारियों को आरोपी बनाया गया क्योंकि ऋण पत्र जारी करने में आरोपियों के साथ उनकी मिलीभगत थी।’’

पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार भी थे। मेहता ने पीठ से कहा, ‘‘ऐसे में कोई व्यक्ति यदि जानते हुए धन शोधन के अपराध से जुड़ी किसी गतिविधि में पक्ष बनता है या वास्तव में इसमें शामिल है, वह अपराध का दोषी होता है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 02, 2022 09:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).