देश की खबरें | केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर निर्दयी तरीके से कर बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही : कांग्रेस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने रविवार को केंद्र पर आरोप लगाया कि वह पेट्रोल और डीजल पर ‘निर्दयी’ तरीके से कर लगाकार ‘मुनाफाखोरी’ कर रही है। पार्टी ने नरेन्द्र मोदी सरकार से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ जनता को देने की मांग की ताकि उन्हें ‘कमरतोड़ महंगाई’ से राहत मिल सके।
नयी दिल्ली, 30 जुलाई कांग्रेस ने रविवार को केंद्र पर आरोप लगाया कि वह पेट्रोल और डीजल पर ‘निर्दयी’ तरीके से कर लगाकार ‘मुनाफाखोरी’ कर रही है। पार्टी ने नरेन्द्र मोदी सरकार से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ जनता को देने की मांग की ताकि उन्हें ‘कमरतोड़ महंगाई’ से राहत मिल सके।
कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक बयान में कहा कि अगर केंद्र सरकार करों में कमी कर पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान लागू दर पर लाती है और ‘मुनाफाखोरी’ रोकती है तो पेट्रोल की कीमत में 25 से 30 रुपये प्रति लीटर कमी कर जनता को राहत दे सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी मांग है कि मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दाम में 35 प्रतिशत तक की कमी करे और देश की जनता को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में हुई भारी गिरावट का लाभ दे ताकि उन्हें कमरतोड़ महंगाई से कुछ राहत मिले।’’
रमेश ने आरोप लगाया कि जनता महंगाई और बेरोजगारी की वजह से आर्थिक संकट से गुजर रही है लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ‘‘ मुश्किल से कमाई गई राशि लूटने’’ में लगी है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश की जनता को लाभ देने के बजाय मोदी सरकार निर्दयी तरीके से पेट्रोल और डीजल पर कर लगाकर मुनाफाखोरी कर रही है और सस्ते तेल को ऊंची कीमत पर बेच रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न केवल पेट्रोल और डीजल से स्वयं मुनाफा कमा रही है बल्कि अपने साथी उद्योगपतियों को भी लाभ पहुंचा रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मोदी सरकार द्वारा लागू उच्च कर की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतें अनियंत्रित हो गई हैं, गरीबों, मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को लूटा जा रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि कच्चा तेल गत एक साल में 35 प्रतिशत कम हुआ है लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं हुए।
रमेश ने दावा किया कि सरकार और निजी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर से भी अधिक मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, तेल कंपनियों द्वारा लोगों को लाभ नहीं दिया जा रहा है। रिसर्च हाउस क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक तीन सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने अनुमानित करीब एक लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है जो पिछले साल 33 हजार करोड़ रुपये था। ’’
उन्होंने कहा कि उनका शोधन पर मुनाफा भी पहली तिमाही में बढ़ा है।
रमेश ने कहा कि सरकारी कंपनियां ही लाभ नहीं कमा रही बल्कि बड़ा लाभ निजी कपंनियों को भी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमत औसतन 65 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से कम रही थी। पिछले तीन महीने में यह लगातार 70 से 80 डॉलर के बीच रहा है लेकिन जनता के लिए पेट्रोल और डीजल के कीमतों में कमी नहीं की गई।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘देश के अधिकतर हिस्सों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक और डीजल की कीमत 90 रुपये प्रति लीटर से अधिक है।’’
उन्होंने रेखांकित किया कि मई 2014 में कांग्रेस नीत तत्कालिक संप्रग सरकार के दौरान पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क क्रमश: 9.2 रुपये प्रति लीटर और 3.46 प्रति लीटर था।
रमेश ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान उत्पाद शुल्क पेट्रोल पर 19.9 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 15.8 रुपये प्रति लीटर है जो पूर्ववर्ती संप्रग शासन के मुकाबले क्रमश: 116 और 357 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सरकार को महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देनी चाहिए लेकिन वह पेट्रोल-डीज़ल पर निर्दयी तरीक़े से टैक्स लगाकर जनता को लूट रही है। पिछले एक साल में कच्चा तेल 35 प्रतिशत सस्ता हुआ है लेकिन पेट्रोल-डीज़ल के दाम कम नहीं किए गए। यहां सरकार सिर्फ़ ख़ुद मुनाफ़ा नहीं कमा रही, बल्कि उसने अपने पूंजीपति मित्रों को भी लूट की छूट दे रखी है। ’’
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