केंद्र का विशेष पैकेज वास्तव में जीडीपी का मात्र दो प्रतिशत : मित्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। इनमें सरकार की हालिया घोषणा के अलावा रिजर्व बैंक द्वारा किए गए विभिन्न उपाय शामिल है।
कोलकाता, 13 मई पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार पर 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज नाम पर लोगों को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया है। मित्रा ने बुधवार को कहा कि वास्तविक पैकेज सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का मात्र दो प्रतिशत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। इनमें सरकार की हालिया घोषणा के अलावा रिजर्व बैंक द्वारा किए गए विभिन्न उपाय शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह पैकेज जीडीपी के 10 प्रतिशत के बराबर होगा। इससे व्यापक क्षेत्रों और प्रवासी मजदूरों की परेशानियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पैकेज के ब्योरे की घोषणा के बाद मित्रा ने कहा, ‘‘लोगों को सचाई पता होनी चाहिए। नई घोषणा सिर्फ 4.2 लाख करोड़ रुपये या जीडीपी का दो प्रतिशत है।’’
मित्रा ने कहा कि पूर्व में केंद्रीय बैंक और केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 10 लाख करोड़ रुपये के उपाय किए है। इन्हें 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने छह फरवरी से वित्तीय प्रणाली में आठ लाख करोड़ रुपये की नकदी डाली है। इसके अलावा सीतारमण ने इससे पहले 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। सरकार ने कर्ज जुटाने की सीमा 4.2 लाख करोड़ रुपये तय की है। ऐसे में वास्तविक पैकेज सिर्फ 4.2 लाख करोड़ रुपये का है जो जीडीपी के दो प्रतिशत के बराबर है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 10:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

