देश की खबरें | केन्द्र का असंवेदनशील रवैया, उदासीनता जिम्मेदार : दिल्ली में हिंसा पर ममता ने कहा
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कोलकाता, 26 जनवरी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा के लिए केन्द्र का ‘‘असंवेदनशील रवैया’’ और किसानों के प्रति उदासीनता जिम्मेदार है और इस घटना से उन्हें बहुत सदमा पहुंचा है।
बनर्जी ने केन्द्र से आग्रह किया कि वह किसानों के साथ बातचीत करे और नए तानाशाही कृषि कानूनों को वापस ले।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली की सड़कों पर हुई चिंताजनक और तकलीफदेह घटनाओं से बहुत दुखी हूं। इन हालात के लिए केन्द्र का असंवेदनशील रवैया और हमारे किसान भाई बहनों के प्रति उसकी उदासीनता जिम्मेदार है।’’
गणतंत्र दिवस पर आयोजित किसानों के ट्रैक्टर परेड का लक्ष्य कृषि कानूनों को वापस लेने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग करना था। दिल्ली पुलिस ने राजपथ पर समारोह समाप्त होने के बाद तय रास्ते से ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति भी दी थी, लेकिन हजारों की संख्या में किसान समय से पहले विभिन्न सीमाओं पर लगे अवरोधकों को तोड़ते हुए दिल्ली में प्रवेश कर गए। कई जगह पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और पुलिस को लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा।
किसानों का एक समूह लाल किला भी पहुंच गया और वहां गुंबद पर तथा ध्वजारोहण स्तंभ पर झंडे लगा दिए। इस स्तंभ पर केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है।
बनर्जी ने कहा, ‘‘पहले तो किसानों को विश्वास में लिए बगैर ये तीन कानून बनाए गए। उसके बाद पूरे देश में प्रदर्शन और दो महीने से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के धरने के बावजूद वह (केन्द्र सरकार) बहुत बेरुखी से इस मुद्दे से निपट रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्र को किसानों से बातचीत करनी चाहिए और तानाशाही कानूनों को वापस लेना चाहिए।’’
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