देश की खबरें | केरल में सिल्वरलाइन रेल परियोजना को केंद्र से मंजूरी की संभावना नहीं: श्रीधरन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि तकनीकी खामियों की भरमार के कारण केरल की सिल्वरलाइन रेल परियोजना को केंद्र से अनुमति मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पहले ही कह चुके हैं कि उनकी सरकार कुछ लोगों के विरोध के आगे झुककर विकासात्मक गतिविधियों से पीछे नहीं हटेगी।
कोच्चि/मलप्पुरम, छह जनवरी मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि तकनीकी खामियों की भरमार के कारण केरल की सिल्वरलाइन रेल परियोजना को केंद्र से अनुमति मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पहले ही कह चुके हैं कि उनकी सरकार कुछ लोगों के विरोध के आगे झुककर विकासात्मक गतिविधियों से पीछे नहीं हटेगी।
मलप्पुरम में पत्रकारों से बातचीत में श्रीधरन ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि केंद्र इस परियोजना को मंजूरी देगा क्योंकि यहां तकनीकी खामियों की भरमार है।’ रेलवे के राज्य सूची के बजाय केंद्रीय सूची में होने के तथ्य को देखते हुए मेट्रोमैन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में इस परियोजना से जुड़ी समस्यों का जिक्र किया है। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के विशेष अतिथि श्रीधरन ने कहा,‘मुझे प्रधानमंत्री को पत्र इसलिए लिखना पड़ा कि परियोजना की स्वीकृति मिलने से पहले ही राज्य सरकार ने भूमि का अधिग्रहण करना शुरू कर दिया था, यह धन का दुरुपयोग था।’
श्रीधरन ने कहा कि केरल सरकार सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट के तहत दक्षिण में तिरुवनंतपुरम को 500 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित कासरगोड को सेमी हाईस्पीड रेल से जोड़ना चाहती है।
इस परियोजना को के-रेल (केरल सरकार और रेल मंत्रालय का संयुक्त उपक्रम) को पूरा करना है, ताकि इन दोनों शहरों के बीच की दूरी को चार घंटे कम किया जा सके। अपनी अगुवाई में कोंकण रेलवे और दिल्ली मेट्रो जैसे निर्माण से सार्वजनिक यातायात की तस्वीर बदल देने वाले श्रीधरन ने कहा कि सिल्वरलाइन केरल को दो हिस्सों में बांटने का काम करेगी। इसकी वजह बताते हुए कहा कि रेलवे पटरी पर लोगों और मवेशियों को आने से रोकने के लिए कंक्रीट निर्मित ऊंची-ऊंची दीवार बनानी पड़ेगी। श्रीधरन के मुताबिक पटरी के दोनों तरफ दीवार खड़ी करने से राज्य में पर्यावरणीय आपदाओं का आना पक्का हो जाएगा, इसके अलावा यह स्वाभाविक जल निकासी को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने बताया कि इससे केरल के उन इलाकों को बाढ़ का सामना करना पड़ेगा, जहां रेलवे पटरी जमीन के स्तर पर रहेगी। परियोजना की डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) नहीं जारी करने को लेकर सवाल उठाते हुए श्रीधरन ने कहा कि प्रोजेक्ट की लागत की जानकारी केवल डीपीआर से ही मिल सकेगी।
इस बीच बृहस्पतिवार को कोच्चि में जन प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि कुछ लोगों के विरोध के कारण इस प्रोजेक्ट को छोड़ देना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा- सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट लोगों और राज्य के बेहतर भविष्य के लिए है, राज्य सरकार विपक्ष के दबाव में नहीं आने वाली है।
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