देश की खबरें | केन्द्र ने ‘रहस्यमय बीज पार्सल’ के बारे में राज्यों, उद्योगों को सतर्क किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ-साथ बीज उद्योग और अनुसंधान निकायों को अज्ञात स्रोतों से भारत में आने वाले ‘संदिग्ध या अवांछित बीज पार्सल’ के बारे में सतर्क किया है जो देश की जैव विविधता के लिए खतरा हो सकते हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ अगस्त केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ-साथ बीज उद्योग और अनुसंधान निकायों को अज्ञात स्रोतों से भारत में आने वाले ‘संदिग्ध या अवांछित बीज पार्सल’ के बारे में सतर्क किया है जो देश की जैव विविधता के लिए खतरा हो सकते हैं।

कृषि मंत्रालय ने कहा है कि इस संबंध में एक निर्देश जारी किया गया है। पिछले कुछ महीनों में दुनिया भर में हजारों संदिग्ध बीज खेपों को भेजे जाने की सूचना प्राप्त हुई है।

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इसमें कहा गया है, ‘‘अज्ञात स्रोतों से भ्रामक पैकेज के साथ अनचाहे / संदिग्ध बीज पार्सल’’ का खतरा अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, जापान और कुछ यूरोपीय देशों में पाया गया था।

मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि ‘‘अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने इसे ‘‘ब्रशिंग घोटाला’’ और ‘‘कृषि तस्करी’’ करार दिया है।

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यूएसडीए ने यह भी बताया है कि अनचाहे बीज पार्सल में विदेशी आक्रामक प्रजाति के बीज या रोगजनक सामग्री भेजने का प्रयास हो सकता है जो पर्यावरण, कृषि पारिस्थितिकी तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

कृषि मंत्रालय ने कहा कि अनचाहे या रहस्यमय सीड पार्सल भारत की जैव विविधता के लिए खतरा हो सकते हैं।

उसने कहा कि इसलिए, सभी राज्यों के कृषि विभाग, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, बीज संघों, राज्य बीज प्रमाणन एजेंसियों, बीज निगमों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के साथ साथ उनके अपने फसल आधारित शोध संस्थानों को ‘संदिग्ध बीज पार्सल’ के बारे में ‘सतर्क’ रहने का निर्देश दिया है।

निर्देश पर टिप्पणी करते हुए फेडरेशन ऑफ सीड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया के महानिदेशक राम कौंडिन्य ने एक बयान में कहा, "अभी यह केवल बिना आदेशों के अनधिकृत स्रोतों से आने वाले बीजों के माध्यम से पौधों के रोगों के संभावित प्रसार के लिए एक चेतावनी है। बीज आतंकवाद बहुत बड़ा है। ऐसी कौन सी बीमारियां हैं जो एक बीज ले जा सकता है। लेकिन फिर भी, यह एक खतरा है। "

उन्होंने कहा कि ये बीज एक आक्रामक प्रजाति के या खरपतवार हो सकते हैं, जो भारतीय वातावरण में स्थापित होने पर देशी प्रजातियों का मुकाबला या विस्थापन करेंगे।

उन्होंने कहा, "भविष्य में उन्हें नियंत्रित करने के लिए बड़ी लागत वहन करने की तुलना में उनके जारी होने से बचने के लिए लगातार काम करना सबसे अच्छा है। हम सभी को सावधान रहना चाहिए कि अज्ञात स्रोतों से आने वाले किसी भी बीज का उपयोग न करें।"

कौंडिन्य ने कहा, "अमेरिका में लोगों को इस तरह के अनचाहे पैकेट मिले हैं और बाद में यूएसडीए ने अलर्ट जारी किया है। हमें ऐसे बीज नहीं लगाने चाहिए, जो हमारे पास आए हों और उन्हें तुरंत नष्ट कर दें।"

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