देश की खबरें | मुख्यमंत्री राशन योजना के खिलाफ याचिका पर केंद्र, आप सरकार को नोटिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना ’’के कार्यान्वयन के खिलाफ दायर एक याचिका पर शुक्रवार को केंद्र, आप सरकार और दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) से जवाब मांगा। इस योजना के तहत पैक किया गया राशन पात्र लोगों के घरों तक पहुंचाने का प्रावधान है।
नयी दिल्ली, चार दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना ’’के कार्यान्वयन के खिलाफ दायर एक याचिका पर शुक्रवार को केंद्र, आप सरकार और दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) से जवाब मांगा। इस योजना के तहत पैक किया गया राशन पात्र लोगों के घरों तक पहुंचाने का प्रावधान है।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणयम प्रसाद की पीठ ने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, दिल्ली सरकार और डीएससीएससी को नोटिस जारी किया तथ जन वितरण प्रणाली की दुकानों के डीलरों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन द्वारा याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा।
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दिल्ली सरकारी राशन डीलर संघ ने अपनी याचिका में कहा है कि राशन की घरों तक आपूर्ति की दिल्ली सरकार की योजना के लिए आवश्यक कानूनों-राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, 2013 और दिल्ली विशिष्ट सामग्री (वितरण का विनियमन) आदेश, 1981 में संशोधन नहीं किया गया है और इस योजना में ऐसे दूकानदारों की अनदेखी की गयी है।
राशन डीलर संघ ने इस योजना के तहत पैकेटबंद गेहूं और चावल के परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और वितरण के लिए जारी निविदा रद्द किए जाने का अनुरोध किया है।
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अधिवक्ता पुनीत जैन, आनंद जैन और ध्रुव अग्रवाल के जरिए दायर इस याचिका में दिल्ली सरकार को यह योजना लागू नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यह संविधान के तहत प्रदत्त उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।
दिल्ली सरकार ने 21 जुलाई को योजना की घोषणा की थी जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को उनके घरों पर गेहूं, आटा, चावल और चीनी का वितरण किया जाएगा।
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