देश की खबरें | सेलेबी अनुबंध: एमआईएएल के परिचालन सेवा निविदाओं पर जून तक निर्णय लेने पर लगी अदालती रोक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने ‘मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (एमआईएएल) के यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन सेवाओं के वास्ते तुर्किये की कंपनी सेलेबी की जगह लेने के लिए आमंत्रित निविदाओं पर अंतिम निर्णय लेने पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी।
मुंबई, 26 मई बंबई उच्च न्यायालय ने ‘मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (एमआईएएल) के यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन सेवाओं के वास्ते तुर्किये की कंपनी सेलेबी की जगह लेने के लिए आमंत्रित निविदाओं पर अंतिम निर्णय लेने पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेशन की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद कहा कि जून में अदालत के दोबारा खुलने के बाद सेलेबी की याचिकाओं पर सुनवाई होने तक निविदाओं पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाए।
हवाई अड्डा पर परिचालन सेवा प्रदाता तुर्किये की कंपनी सेलेबी की सहायक कंपनी ने पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और सुरक्षा मंजूरी रद्द करने एवं एमआईएएल के साथ अनुबंध समाप्त करने को चुनौती दी थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को समर्थन दिया था, जिससे उसके खिलाफ भारत में हुई तीखी प्रतिक्रिया के बीच, विमानन सुरक्षा नियामक बीसीएएस ने इस माह के प्रारंभ में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर ‘सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया’ की सुरक्षा मंजूरी तत्काल प्रभाव से वापस ले ली थी।
यह रद्दीकरण भारत में सेलेबी की अन्य सहयोगी कंपनियों पर भी लागू होता है। इसके परिणामस्वरूप, उन भारतीय हवाई अड्डों ने, जहां सेलेबी संचालन कर रही थी, समूह की कंपनियों के साथ अपने अनुबंध समाप्त कर दिए।
मुंबई हवाई अड्डे पर परिचालन करने वाली ‘सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया’ ने तीन याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें सुरक्षा मंजूरी रद्द करने और अनुबंध समाप्त करने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी गई थी।
याचिकाओं में कहा गया है कि ये निर्णय मनमाने और अवैध हैं, इसलिए उन्हें रद्द कर दिया जाए।
सेलेबी के पास ‘सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ की 59 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
याचिका में भारत के नागर विमानन मंत्रालय के तहत आने वाले बीसीएएस द्वारा दी गई सुरक्षा मंजूरी को रद्द करने के प्रशासनिक निर्णय को निलंबित एवं निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
इसमें एमआईएएल द्वारा ‘ब्रिज माउंटेड इक्विपमेंट सर्विस एग्रीमेंट’ और ‘कंसेशन एग्रीमेंट’ एवं ‘ग्राउंड हैंडलिंग सर्विसेज’ की समाप्ति को भी रद्द करने की मांग की गई थी।
अंतरिम राहत के तौर पर सेलेबी ने उच्च न्यायालय से इन सेवाओं के लिए नयी एजेंसी के चयन के लिए 17 मई को जारी निविदाओं पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से एमआईएएल को रोकने का अनुरोध किया था।
सेलेबी की दो अन्य सहायक कंपनियों--‘सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया’ और ‘सेलेबी दिल्ली कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इंडिया’ ने इस माह के आरंभ में दिल्ली हवाईअड्डा संचालक द्वारा सुरक्षा मंजूरी वापस लेने और अनुबंधों को रद्द करने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
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