विदेश की खबरें | नागोर्नो-काराबाख में लड़ाई रोकने के लिए अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच संघर्ष विराम

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. खबरों के मुताबिक अजरबैजान के अलगाववादी क्षेत्र के अधिकारियों ने समझौते की घोषणा की और यह बुधवार को स्थानीय समय अपराह्न एक बजे से लागू होगा।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

खबरों के मुताबिक अजरबैजान के अलगाववादी क्षेत्र के अधिकारियों ने समझौते की घोषणा की और यह बुधवार को स्थानीय समय अपराह्न एक बजे से लागू होगा।

खबरों के अनुसार यह समझौता इलाके में मौजूद रूसी शांतिरक्षकों के जरिये हुई वार्ता से मुकाम तक पहुंचा। इसमें बताया गया कि समझौते के तहम आर्मीनिया अपनी सैन्य इकाई और उपकरण नागोर्नो -काराबाख इलाके से वापस लाएगा और स्थानीय रक्षाबलों का निरस्त्रीकरण किया जाएगा।

इस बारे में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

यह घटनाक्रम अजरबैजान की सेना द्वारा मंगलवार को इलाके के आर्मीनियाई ठिकाने पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने और बुधवार तड़के नागोर्नो-काराबाख के अलग-अलग इलाकों में धमाकों के बाद सामने आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस लड़ाई में कई लोग मारे गए हैं जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

अजरबैजान ने तोपों से किए गए हमलों को ‘आतंकवाद रोधी कार्रवाई’ करार दिया। उसने कहा कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक नागोर्नो-काराबाख की अलगावादी सरकार स्वयं को भंग नहीं कर देती और ‘इलाके में मौजूद आर्मीनियाई सैन्य टुकड़ी’ आत्मसमर्पण नहीं कर देती।

अजरबैजान का कहना है कि वह केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है लेकिन इलाके की राजधानी स्टेप्नाकेर्ट में तबाही सड़कों पर देखी जा सकती है जहां दुकानों की खिड़कियों में लगे शीशे टूट गए हैं और क्षतिग्रस्त वाहन सामने पड़े हैं।

स्टेप्नाकेर्ट के आसपास बुधवार सुबह कुछ मिनटों के अंतराल पर नियमित तौर पर धमाकों की आवाज सुनाई दे रही थी। कुछ धमाके शहर के नजदीक हो रहे थे जबकि बाकी आसपास के शहरों में हो रहे थे।

तोपों से किए जा रहे हमले से अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच पूर्ण युद्ध होने की आशंका पैदा हो गई थी जो गत तीन दशक से नागोर्नो-काराबाख के पहाड़ी क्षेत्र के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 2020 में दोनों देशों के बीच इस इलाके को लेकर करीब छह सप्ताह तक युद्ध चला था।

अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को सैन्य कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की। इसके कुछ घंटों के बाद उसने बताया कि नागोर्नो-काराबाख में बारूदी सुंरग की चपेट में आने से चार सैनिकों और दो नागरिकों की मौत हो गई है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि नागोर्नो-काराबाख इलाके में मौजूद उसके शांतिरक्षकों ने दो हजार असैन्य लोगों को सुरक्षित निकाला है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि सुरक्षित निकाले गए लोगों को कहां ले जाया गया है।

आर्मीनिया के विदेश मंत्रालय ने नागोर्नो-काराबाख में उसके सैनिक या सैन्य साजो सामान होने से इनकार किया है। उसने कहा कि तोड़फोड़ और बारूदी सुरंग की खबर ‘‘झूठ’’ है। आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशियान ने आरोप लगाया कि अजरबैजान का मुख्य उद्देश्य आर्मीनिया को मुश्किल में डालना है।

नागोर्नो-काराबाख के अर्मीनियाई मूल के अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि स्टेप्नाकेर्ट और इलाके के गांवों में ‘भारी गोलाबारी’ की जा रही है। इलाके की सेना ने कहा कि अजरबैजान लड़ाकू विमानों, तोप और मिसाइल प्रणाली के साथ हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।

नागोर्नो-काराबाख के मानवाधिकार लोकायुक्त गेघन स्टेपनयन ने बुधवार को कहा कि लड़ाई में सात असैन्य नागरिकों सहित कुल 32 लोगों की मौत हुई और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

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