जरुरी जानकारी | कपास उत्पादकता परीक्षण के लिए प्रत्येक राज्य में जिलों की पहचान करेगा सीसीआई: कपड़ा मंत्री

नयी दिल्ली, 10 फरवरी केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय कपास निगम लि. (सीसीआई) को कपास उत्पादकता परीक्षण करने के लिए प्रत्येक राज्य में एक जिले की पहचान करने के लिए कहा गया है।

सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार सर्वोत्तम वैश्विक गतिविधियों को अपनाकर प्रति हेक्टेयर कपास उत्पादकता को बढ़ावा देने के प्रयास तेज कर रही है। ब्राजील, चीन, ऑस्ट्रेलिया और रूस सहित कई देशों में प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन 2,000 से 2,200 किलोग्राम है, जबकि भारत में औसत उत्पादन 450-500 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सीसीआई को कपास उत्पादकता परीक्षण के लिए राज्यों में जिलों की पहचान करने के लिए कहा है। अब हम अकोला मॉडल को पूर्ण क्षमता स्तर पर ले जाएंगे।’’

सिंह ने बताया कि भारत के कपड़ा बाजार का आकार वर्तमान में 176 अरब डॉलर है जिसे बढ़ाकर 2030 तक 350 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश का कपड़ा क्षेत्र कृषि के बाद सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र में वर्तमान में 4.5 करोड़ लोग काम कर रहे हैं, जिसे छह करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘बजट में कपड़ा क्षेत्र को 5,300 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है....आने वाले दिनों में हम कपड़ा क्षेत्र से रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाएंगे। वर्तमान में घरेलू बाजार का आकार 176 अरब डॉलर है, हम इसे बढ़ाकर 350 अरब डॉलर तक पहुंचाएंगे।’’

उन्होंने इस महीने आयोजित होने वाली वृहद कपड़ा प्रदर्शनी... भारत टेक्स के बारे में कहा कि 126 देशों के लगभग 6,000 विदेशी प्रदर्शक इस बार आयोजन में भाग लेंगे। यह पिछले साल के 3,000 से दोगुना है।

मंत्री ने यह भरोसा भी जताया कि मिसाइल, ड्रोन आदि में इस्तेमाल होने वाला तकनीकी कपड़ा कार्बन फाइबर का उत्पादन 2026 तक भारत में किया जाएगा।

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