देश की खबरें | परीक्षाओं में अनुचित तरीकों को रोकने के लिए उन्नत आंकडे समीक्षा प्रणाली का उपयेाग करेगी सीबीएसई

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नयी दिल्ली, नौ नवंबर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक आंकड़ा विश्लेषण प्रणाली का उपयोग करेगा और उन केंद्रों की पहचान करेगा जहां अनुचित तरीकों का इस्तेमाल करने की संभावना अधिक है।

सीबीएसई के निदेशक (आईटी) अंतरिक्ष जौहरी ने कहा कि परीक्षाएं मानकीकृत और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जानी चाहिए। परीक्षाओं के दौरान अनुचित तरीकों के उपयोग को रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए बाहरी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, उड़न दस्ते और सीसीटीवी की मदद से निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा, “ हमने इसमें और सुधार करने का फैसला किया है जिसके लिए हम मामलों और उन केंद्रों की पहचान करने के लिए आधुनिक आंकड़ विश्लेषण का इस्तेमाल कर रहे हैं जहां परीक्षाओं के दौरान अनुचित तरीकों के उपयोग की संभावना ज्यादा रहती है।”

जनवरी 2021 केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीसेट) के आंकड़ों का केंद्रीय स्क्वायर फाउंनडेशन एंड प्लेपॉवर लैब्स के सहयोग से प्रायोगिक आधार पर विश्लेषण किया गया है ताकि केंद्र और व्यक्तिगत परीक्षार्थी स्तर पर संदिग्ध आंकड़ा प्रवृत्ति की पहचान करने के लिए एल्गोरिदम विकसित किया जा सके।

जौहरी ने कहा, “विश्लेषण के परिणामों और विकसित एल्गोरिदम के आधार पर, सीबीएसई ने निर्णय लिया है कि इस तरह के विश्लेषण का अन्य परीक्षाओं तक विस्तार किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में सीबीएसई द्वारा देश भर में आयोजित की जाने वाली सभी परीक्षाओं में किसी अनियमितता को रोका जा सकेगा।

जौहरी ने कहा कि ऐसे विश्लेषणों के सीबीएसई का लक्ष्य उन परीक्षा केंद्रों की पहचान करना है जहां आंकड़ा संकेत के मुताबिक, परीक्षा के दौरान कदाचार होता है।

उन्होंने कहा, “इसके बाद, सीबीएसई द्वारा परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने और भविष्य में इस तरह के किसी भी कदाचार को रोकने के लिए उचित उपाय किए जा सकते हैं। इसका उपयोग सीबीएसई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा और बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।”

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