देश की खबरें | सीबीएसई : राकांपा ने कहा, भाजपा धर्मनिरपेक्षता से दूर करना चाहती है

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 संकट के बीच छात्रों से पढ़ाई का बोझ कम करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम घटाने के लिए धर्मनिरपेक्षता, नागरिकता, नोटबंदी समेत अन्य पाठों हटाने के सीबीएसई के कदम पर निशाना साधते हुए बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कहा कि सत्ताधारी भाजपा लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता से लोगों को दूर करना चाहती है।

मुंबई, आठ जुलाई कोविड-19 संकट के बीच छात्रों से पढ़ाई का बोझ कम करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम घटाने के लिए धर्मनिरपेक्षता, नागरिकता, नोटबंदी समेत अन्य पाठों हटाने के सीबीएसई के कदम पर निशाना साधते हुए बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कहा कि सत्ताधारी भाजपा लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता से लोगों को दूर करना चाहती है।

राकांपा प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि भगवा पार्टी भविष्य में “फिर से इतिहास भी लिख” सकती है।

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तपासे ने कहा, “भाजपा सरकार ने धर्मनिरपेक्ष, राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, विविधता आदि से जुड़े अध्यायों को सीबीएसई के पाठ्यक्रम से हटा दिया।”

उन्होंने कहा, “भाजपा का एजेंडा बहुत साफ है, वो लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता से लोगों को दूर करना चाहते हैं इसलिये सबसे अच्छा तरीका है कि युवाओं को इसे पढ़ाया ही न जाए। आने वाले समय में भाजपा अपने तरीके से फिर से इतिहास भी लिख सकती है और इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर सकती है।”

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इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत कटौती के बाद 2020-21 शैक्षणिक सत्र के लिये कक्षा 9 से 12 के लिये नये पाठ्यक्रम का अधिसूचित किया।

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