गुवाहाटी, 16 दिसंबर बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के प्रमुख प्रमोद बोरो ने शनिवार को आरोप लगाया कि छठे अनुसूची क्षेत्र में पिछली सरकार के शासनकाल के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय अनियमितताएं हुईं।
उन्होंने कहा कि मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की गई है और असम सरकार से मामले में दखल देने का अनुरोध किया गया है।
पद संभालने के तीन साल पूरे होने पर यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बोरो ने कहा, ''जब हमने बीटीआर की कमान संभाली थी तो हमें तीन हजार करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी विरासत में मिली, जो हमारी जैसी परिषद के लिए एक बहुत बड़ी रकम थी। हमने जब ऑडिट कराया तो यह देनदारी घटकर 1200 करोड़ रुपये के करीब हो गई।''
बोरो ने कहा कि पिछले बीटीआर शासन द्वारा बिना किसी वित्तीय मद के तहत 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का कार्य आदेश दिया गया था।
मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) ने कहा, ''बोडोलैंड परिषद ने पिछले साल इन अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था।''
बोरो एक गठबंधन का नेतृत्व करते हैं, जिसमें उनकी पार्टी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और गण सुरक्षा पार्टी शामिल हैं।
यह पूछने पर कि सीबीआई ने जांच का जिम्मा संभाला या नहीं, जिस पर बोरो ने कहा कि बीटीआर ने राज्य सरकार को अपना अनुरोध भेज दिया है।
उन्होंने कहा, ''हम राज्य सरकार के समक्ष मामले को उठाएंगे। हमारा रुख बेहद स्पष्ट है कि हम इन वित्तीय अनियमितताओं में किसी भी प्रकार की जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे।''
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