देश की खबरें | गिरफ्तारी के खिलाफ चंदा और दीपक कोचर की याचिका पर जवाब देने के लिए सीबीआई को शुक्रवार तक का समय मिला

मुंबई, तीन जनवरी बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कथित ऋण धोखाधड़ी के एक मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक चंदा कोचर तथा उनके पति दीपक कोचर की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शुक्रवार तक का समय दिया।

कोचर दंपती ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उच्च न्यायालय से उनके रिमांड आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। उन्होंने जेल से अपनी रिहाई की मांग की है तथा यह दलील भी दी है कि इस महीने के अंत में उनके बेटे की शादी हो रही है और मेहमानों को निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं।

सीबीआई ने मामले में 23 दिसंबर को चंदा और दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था जिसके बाद दंपती को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जब उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका को स्वीकार किया तो सीबीआई ने जवाब देने के लिए समय मांगा।

दीपक कोचर के वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि उनके मुवक्किल के बेटे की शादी इस महीने के आखिर में होनी है और निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं।

वकील ने कहा कि कारोबारी दीपक कोचर को मामले में बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन गिरफ्तार कर लिया गया।

चंदा कोचर के वकील ने अदालत से कहा कि मामले में उनकी मुवक्किल के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत एक मामले में अभियोजन पक्ष ने बयान दिया है कि उनकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

चंदा कोचर के वकील ने कहा कि लेकिन सीबीआई ने जांच में सहयोग नहीं करने का हवाला देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

कोचर दंपती को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ पीएमएलए के तहत दर्ज एक अलग मामले में आरोपी बनाया गया है।

वकीलों ने कोचर दंपती के बेटे की शादी के लिए उनकी अंतरिम रिहाई की मांग की है।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने कहा कि सीबीआई को याचिका पर जवाब देने के लिए समय दिये जाने की जरूरत है। इसके बाद अदालत ने मामले में सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी।

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