नयी दिल्ली, 27 सितंबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलकाता की एक निजी कंपनी के बिल का भुगतान करने के ऐवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में मुंबई में मध्य रेलवे के एक प्रधान मुख्य अभियांत्रिकी अभियंता को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर तैनात ‘इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग’ (आईआरएसएमई) के 1985 बैच के अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता को उनके चालक द्वारा उनकी ओर से रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान उनके परिसरों से भारी राशि बरामद होने के साथ ही विदेशी बैंक खातों का भी पता चला है।
प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी इंजीनियर के परिसरों की तलाशी के दौरान लगभग 23 लाख रुपये नकद और हीरे सहित लगभग 40 लाख रुपये के आभूषण बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान करीब आठ करोड़ रुपये के निवेश का ब्योरा और नोएडा, हरिद्वार, देहरादून और दिल्ली में पांच करोड़ रुपये से अधिक के भूखंड और घर होने का पता चला है।
प्रवक्ता ने कहा कि सिंगापुर और अमेरिका में तीन बैंक खाते, जिनमें लगभग 2 लाख डॉलर जमा हैं तथा एक एनआरआई बैंक खाते के अलावा आरोपी और परिवार के सदस्यों के नाम पर अन्य बैंक खाते होने का पता चला है।
उन्होंने कहा कि एक बैंक लॉकर के बारे में भी जानकारी मिली है।
अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने कोलकाता की निजी कंपनी ‘आनंद सेल्स कॉरपोरेशन’ में साझेदार आदित्य टिबरेवाल और गुप्ता के चालक अब्दुल कलाम शेख को भी गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि इंजीनियर ने उसके चालक शेख को टिबरेवाल से एक लाख रुपये की रिश्वत लेने को कहा था।
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