देश की खबरें | जाति सर्वेक्षण : शाह के आरोप पर बिहार सरकार ने कड़ी आपत्ति जतायी
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पटना, छह नवंबर बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस आरोप पर कड़ी आपत्ति जताई कि ‘‘तुष्टिकरण की राजनीति’’ के तहत राज्य के जाति सर्वेक्षण में जानबूझकर मुस्लिमों एवं यादवों की आबादी को बढ़ाकर दिखाया गया है।
बिहार के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एक दिन पहले मुजफ्फरपुर में भाजपा की रैली में शाह का संबोधन तर्कहीन था और जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के लिए यह अशोभनीय था।
चौधरी ने जोर देकर कहा, ‘‘यादव ओबीसी समूह में हैं, यह तथ्य सभी को पता है। फिर भी गृह मंत्री ने दावा किया कि अन्य ओबीसी को उनका हक देने से इनकार करने के लिए उनकी संख्या बढ़ा दी गई है। इस तर्क का कोई मतलब नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री को यह भी बताना चाहिए था कि उनके दावे का आधार क्या है। अगर उन्हें लगता है कि जाति सर्वेक्षण के आंकड़े गलत हैं तो उन्हें इस बात का अंदाजा होगा कि सटीक आंकड़े क्या हो सकते हैं। वह इस नतीजे पर कैसे पहुंचे।’’
जदयू के वरिष्ठ नेता चौधरी ने शाह के इस दावे का मज़ाक उड़ाया कि भाजपा ने जाति सर्वेक्षण कराने के निर्णय का ‘‘समर्थन’’ किया था। उन्होंने कहा कि यदि उनका तर्क यह है कि फर्जीवाड़ा (डेटा के संकलन में) हुआ है, तो क्या वे स्वीकार कर रहे हैं कि वे भी इस धोखाधड़ी में शामिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने सर्वेक्षण कराने का निर्णय तभी लिया जब केंद्र ने जाति जनगणना के लिए अपनी अनिच्छा स्पष्ट कर दी थी।
मुख्यमंत्री के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक चौधरी ने आरोप लगाया, ‘‘वह (भाजपा) यह दावा करते हैं कि वे जातिवाद से ऊपर हैं, लेकिन कल गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से कुछ समुदायों का नाम लेकर सामाजिक विभाजन के माध्यम राजनीतिक लाभ हासिल करने का एक कुत्सित प्रयास किया।’’
चैधरी बिहार विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
इससे पहले सदन में उस समय थोड़ा हंगामा हुआ जब भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने इजराइल के सैन्य अभियानों में गाजा के नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसका जदयू विधायक संजीव कुमार ने विरोध किया ।
कुमार ने वाम नेता पर उग्रवादी समूह हमास के समर्थन में आने का आरोप लगाया।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप को नजर अंदाज करते हुए सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
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