देश की खबरें | शिवसेना सांसद के चालक को जमीन उपहार देने के मामले सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान: जलील

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हैदराबाद के सालार जंग परिवार के एक वंशज द्वारा शिवसेना सांसद संदीपन भुमरे के चालक को उपहार में दी गई संपत्ति के कारण महाराष्ट्र सरकार को स्टांप शुल्क में 6.18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। एआईएमआईएम के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया है।

छत्रपति संभाजीनगर, 17 जुलाई हैदराबाद के सालार जंग परिवार के एक वंशज द्वारा शिवसेना सांसद संदीपन भुमरे के चालक को उपहार में दी गई संपत्ति के कारण महाराष्ट्र सरकार को स्टांप शुल्क में 6.18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। एआईएमआईएम के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया है।

जलील ने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि एक मंत्री ने भूमि स्वामित्व दस्तावेज में नाम बदलने के लिए अधिकारियों पर दबाव भी डाला।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए छत्रपति संभाजीनगर से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पूर्व सांसद ने मामले की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने की मांग की।

भूमरे छत्रपति संभाजीनगर (तत्कालीन औरंगाबाद) लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उनके परिवार के चालक जावेद शेख ने दावा किया है कि हैदराबाद के सालार जंग परिवार के एक वंशज ने उन्हें फरवरी 2023 में 'हिबानामा' (उपहार) के माध्यम से छत्रपति संभाजीनगर जिले में 150 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की तीन एकड़ जमीन दी थी।

पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) चालक के दावे की जांच कर रही है।

छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा में स्थित है जो पूर्ववर्ती हैदराबाद राज्य का हिस्सा था।

सालार जंग ने 1850 से तीन दशकों तक हैदराबाद के निजाम के दीवान के रूप में कार्य किया था।

जलील ने दावा किया, "उन्होंने दस्तावेजों को पंजीकृत नहीं कराया और इसके बजाय उन्हें नोटरी से सत्यापित करा लिया। सरकार को 6.18 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, जिसका भुगतान स्टांप शुल्क के रूप में किया जाना था।"

जलील ने यह भी आरोप लगाया कि एक मंत्री ने स्वामित्व दस्तावेज में नाम बदलने के लिए भूमि हस्तांतरण अधिकारियों पर दबाव डाला।

पूर्व सांसद ने नाम लिए बगैर दावा किया, "मंत्री को इस सौदे से एक एकड़ जमीन मिलनी थी और आधा एकड़ जमीन उन लोगों को दी जानी थी, जिन्होंने जमीन पर कब्जा करने में मदद की थी।"

उन्होंने कहा कि 'हिबानामा' के लिए इसे निष्पादित करने वाले व्यक्ति रक्त संबंधी होने चाहिए, जबकि वर्तमान मामले में ऐसा नहीं है।

एआईएमआईएम नेता ने मांग की कि इस भूमि के पंजीकृत दस्तावेज को रद्द किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि मामले में पुलिस जांच एक "नाटक" है।

जलील ने कहा, "इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जानी चाहिए।"

उन्होंने मांग की कि भुमरे का चालक सामने आकर स्पष्टीकरण दे तथा इस मामले में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।

भूमरे की प्रतिक्रिया जानने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया जा सका।

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