आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को खिलाने का मामला : उच्च न्यायालय ने केंद्र, आप सरकार का रुख पूछा
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालय, दिल्ली सरकार, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड और नगर निकायों को नोटिस जारी किया।
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से एक याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें उन्हें निर्देश देने की मांग की गई है कि कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन के दौरान आवारा जानवरों को भोजन और पानी मुहैया कराया जाए।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालय, दिल्ली सरकार, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड और नगर निकायों को नोटिस जारी किया।
पीठ ने याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख दस जून तक उनसे जवाब मांगा।
याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील गौरी पुरी ने बताया कि उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान जानवरों के कल्याण में लगे स्वयंसेवकों को सहानुभूति के आधार पर यात्रा पास जारी किए जाएं।
केंद्र सरकार के वकील अनुराग अहलूवालिया ने मंत्रालय के लिए नोटिस स्वीकार किया।
आरती पुरी की याचिका पर यह आदेश आया जो पिछले 15 वर्षों से पशुओं के कल्याण के लिए काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि आवारा पशु और अन्य जानवर मुख्यत: कचरे और रेस्तरां, कैंटीन और बाजार स्थलों पर लोगों के बचे भोजन पर निर्भर रहते हैं। इनमें से सब कोविड-19 महामारी के चलते बंद हैं।
याचिका में कहा गया कि जो लोग उन्हें खाना खिलाते थे, वे भी लॉकडाउन के कारण घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं और इसलिए आवारा पशु भुखमरी की कगार पर हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 04:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

