दुनियाभर में बढ़ रहा है कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन, चीन में आई है कमी: अध्ययन
मिस्र में अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता में शुक्रवार सुबह जारी ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट के वैज्ञानिकों की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार इस साल चीन का कार्बन प्रदूषण 2021 की तुलना में 0.9 प्रतिशत कम हुआ है, वहीं अमेरिका में 1.5 प्रतिशत बढ़ा है.
मिस्र में अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता में शुक्रवार सुबह जारी ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट के वैज्ञानिकों की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार इस साल चीन का कार्बन प्रदूषण 2021 की तुलना में 0.9 प्रतिशत कम हुआ है, वहीं अमेरिका में 1.5 प्रतिशत बढ़ा है. वैसे इस साल से पहले तक अमेरिकी उत्सर्जन में गिरावट आ रही थी और चीनी उत्सर्जन बढ़ रहा था. एक्सेटर विश्वविद्यालय के प्रमुख अध्ययनकर्ता पियरे फ्राइडलिंगस्टीन ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि दोनों ही मामलों में यह महामारी की प्रतिक्रिया है और थोड़ा असर यूक्रेन पर रूस के हमले से पैदा हुए ऊर्जा संकट का है.
उन्होंने कहा कि ये दोनों कारक इस साल के आंकड़ों को उलझाऊ बना रहे हैं और इनसे किसी तरह के रुझान का अनुमान लगाना मुश्किल है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन में इस साल कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का प्रमुख कारण 2022 में कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए वहां लगा लॉकडाउन भी है. अध्ययन के अनुसार वैश्विक कार्बन प्रदूषण अब भी बढ़ रहा है, लेकिन यह 10 या 15 साल पहले की दर से नहीं बढ़ रहा. यह भी पढ़ें : मजबूत वैश्विक रुख के बीच सेंसेक्स, निफ्टी में दो प्रतिशत का उछाल
हालांकि, कुल मिलाकर वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अच्छी खबर नहीं है क्योंकि पृथ्वी वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक काल के स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने की वैश्विक स्वीकार्य सीमा की ओर बढ़ रही है. प्रिंसटन यूनिवसिर्टी के जलवायु विज्ञानी माइकल ओपनहीमर ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि हम लक्ष्य से आगे निकलकर ऐसी दुनिया में पहुंचने को तैयार हैं, जिसका मानव जाति ने कभी अनुभव नहीं किया.’’