सीएपीएफ ने लॉकडाउन के दौरान शहीद जवानों के परिवारों, सेवानिवृत्त कर्मियों का ध्यान रखने को कहा
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने ऐसे सभी कर्मियों के लिए एक मोबाइल हेल्पलाइन नंबर 9560070212 का जारी किया है ।
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने अपनी विभिन्न इकाइयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान शहीद जवानों के परिवारों, दिव्यांग पूर्व कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मियों का खयाल रखा जाए ।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने ऐसे सभी कर्मियों के लिए एक मोबाइल हेल्पलाइन नंबर 9560070212 का जारी किया है ।
आईटीबीपी के महानिदेशक (डीजी) एस एस देसवाल ने बल के पूर्व कर्मियों को भेजे एक आधिकारिक संदेश में कहा है, ‘‘मेरा मानना है कि आईटीबीपी ने किसी भी परिस्थिति में योद्धा बनने और समाज की भलाई में मददगार होने में आपकी मदद की है। देश के प्रति आपकी निष्ठा का कोई सानी नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस वैश्विक महामारी के समय अगर आपको या आपके परिवार को किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो आप निकटवर्ती आईटीबीपी इकाई से संपर्क कर सकते हैं।’’
देसवाल, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) डीजी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं । बीएसएफ के लिए भी उन्होंने इसी तरह का संदेश दिया है।
बीएसएफ के पूर्व कर्मियों के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘आप बीएसएफ परिवार का हिस्सा हैं और इस मुश्किल घड़ी में किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत हो तो निस्संकोच बताऐं।’’
पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी भारतीय सीमा की हिफाजत करने वाले बीएसएफ ने अपने कर्मियों को ‘‘शहीदों, (ड्यूटी के दौरान निशक्त हुए) दिव्यांगों के परिवारों और सीमाई आबादी की जरूरतों का ध्यान रखने को कहा है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने भी विभिन्न जगहों पर स्थित अपने कार्यालयों को इसी तरह का निर्देश देकर अपने सेवानिवृत्त कर्मियों के वास्ते एक वाट्सऐप ग्रुप बनाने को कहा है ।
सीआरपीएफ के डीजी ए पी माहेश्वरी ने सेवानिवृत्त कर्मियों को अपने संदेश में कहा, ‘‘अपने वरिष्ठ कर्मियों की सेवा करते हुए हमें खुशी होगी । जब भी जरूरत हो, किसी भी तरह की जरूरत हो सीआरपीएफ के निकटवर्ती केंद्र से संपर्क कर लें।’’
सीएपीएफ को अर्द्धसैन्य बलों के तौर पर भी जाना जाता है। नक्सल रोधी, आतंक रोधी अभियानों, कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अर्द्धसैन्य बल के जवान अपनी भूमिका निभाते हैं ।
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